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मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

मंत्रिपरिषद ने वेतन समिति-2016 की प्रथम प्रतिवेदन की संस्तुतियों को स्वीकृति प्रदान की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में वेतन समिति-2016 की प्रथम प्रतिवेदन की संस्तुतियों को मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की संस्तुतियों के सन्दर्भ में राज्य में गठित वेतन समिति की संस्तुतियों के अनुसार राज्य के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों (राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, नगरीय स्थानीय निकायों, जल संस्थानों, जिला पंचायतों, विकास प्राधिकरण, स्वशासी संस्थाओं एवं सार्वजनिक उपक्रम/निगम) के वेतनमान पुनरीक्षण, पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण केन्द्रीय कर्मियों के सादृश्य पर दिनांक 1 जनवरी, 2016 से किया जाएगा।

इस निर्णय से राज्य के 16.52 लाख कार्मिक एवं 10.50 लाख पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर लाभान्वित होंगे। इससे राज्य सरकार पर 17958.20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक व्ययभार आएगा। राज्य के विभिन्न वर्गों के कर्मियों एवं पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों को केन्द्रीय कर्मियों के सादृश्य पर पुनरीक्षित वेतनमानों में दिनांक 1 जुलाई, 2016 से 02 प्रतिशत की दर से मंहगाई भत्ता/मंहगाई राहत दी जाएगी।

प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों को पुनरीक्षित वेतनमानों में 10 वर्ष, 16 वर्ष तथा 26 वर्ष की सेवा पर ए0सी0पी0 की व्यवस्था में 03 वित्तीय स्तरोन्नयन दिए जाएंगे। वर्तमान में मिल रहे विभिन्न प्रकार के भत्ते एवं सुविधाएं पुनरीक्षित वेतनमानों में पूर्व दरों पर देय रहेंगी।

ऐसे सार्वजनिक उपक्रम/निगम, जो लाभ की स्थिति में हैं, उन्हें राज्य कर्मियों के समान मंहगाई भत्ता दिए जाने हेतु सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा लगाई गई शर्त को शिथिल किया जाएगा।