मुलायम सिंह और अखिलेश यादव

A big change possible in Samajwadi Party

समाजवादी पार्टी में होगा बड़ा बदलाव, बनाए जा सकते हैं नए प्रदेश अध्यक्ष, मुलायम के दौर के प्रयोग दोहराए जाएंगे

लोकसभा चुनाव में हार के बाद समाजवादी पार्टी के संगठन में बड़े बदलाव होंगे। विदेश यात्रा से लौटकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश से लेकर जिलों तक संगठन की कायाकल्प करेंगे।

समाजवादी पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही फ्रंटल संगठनों में भी नए अध्यक्षों की घोषणा हो सकती है। बसपा से गठबंधन टूटने के बाद सपा संगठन में एक बार फिर मुलायम सिंह यादव के जमाने के प्रयोगों को दोहराया जा सकता है।

लोकसभा चुनाव में सपा को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इसकी एक वजह संगठनात्मक कमजोरी भी रही। इस कमी को दूर करने के लिए ऊपर से नीचे तक संगठन में बदलाव कर उसे और गतिशील बनाया जाएगा। युवा संगठनों में नए नेताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। संगठन में बदलाव करके कार्यकर्ताओं व समर्थकों का मनोबल बढ़ाया जाएगा।

ऐसी अटकलें है कि, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल की जगह किसी और नेता को प्रदेश में संगठन की बागडोर सौंपी जा सकती है। उत्तम को संगठन में कोई और दायित्व दिया जा सकता है। मोर्चों व प्रकोष्ठों में भी नए चेहरे सामने लाए जाएंगे। बहुत संभव है कि जिला इकाइयां भंग कर दी जाएं और जिलों में नए अध्यक्ष नामित किए जाएं।

अखिलेश बोले, भाजपा राज में अपराधी भयमुक्त, आम लोग भयभीत

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में अंधेर नगरी-चौपट राजा की कहावत चरितार्थ हो रही है। भाजपा सरकार आंकड़े दबाकर कानून-व्यवस्था नियंत्रण में होने के खोखले दावे कर रही है। हकीकत यह है कि कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब हत्या, लूट, बलात्कार जैसी गंभीर घटनाएं न घटती हों। भाजपा राज में अपराधी भयमुक्त और जनसामान्य भयभीत है।

अखिलेश ने अपने बयान में कहा कि हालत किस कदर बिगड़ गए हैं इसे जाहिर करने के लिए लखनऊ में किशोर को घर से उठाकर पुलिस चौकी में बंद रखने और जबरन जुर्म कबूलवाने के लिए बर्बरता से पीटने व बूट से पैर कुचल डालने की शर्मनाक घटना काफी है। इस हाल में मुख्यमंत्री किस मुंह से अपने राज में शांति व्यवस्था बने रहने की बात करते हैं।

इन घटनाओं का दिया उदाहरण

उन्होंने कहा कि संडीला (हरदोई) में 8 साल के एक बच्चे का अपहरण करके अपराधियों ने हत्या कर दी। बिजनौर में पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान अनुसूचित जाति के युवक की ऐसी पिटाई की कि उसकी मृत्यु हो गई।

लखनऊ के गुडंबा में बदमाशों ने घर में घुसकर महिला की हत्या कर दी। इटावा में छह दिनों से एक युवक को थाने में बंद रखा गया। ये सब शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता के उदाहरण मात्र है।

अखिलेश ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल है। जेलों में माफिया डॉन अपने दरबार सजा रहे हैं, वहीं से आपराधिक गतिविधियों का विस्तार कर रहे है। हद तो यह है कि अगर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र अपनी मांग उठाते हैं तो उनके ऊपर लाठियां बरसाई जाती है, गिरफ्तारियां होती है। भाजपा सरकार की वजह से चारों तरफ अराजकता है।

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