पैन को आधार से लिंक कराना जरूरी

Adoption of Aadhar Card under the nose of administration

फरीदाबाद में प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा आधार कार्ड का गोरखधंधा

फरीदाबाद में लघु सचिवालय के भूतल पर आधार केंद्र में प्रशासन की नाक के नीचे बिना कोई पुख्ता पहचान के आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा चल रहा था। लघु सचिवालय में जिला उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, डीसीपी, एसीपी सहित अन्य अधिकारी बैठते हैं, इसके बावजूद किसी ने कभी औचक जांच करने की जरूरत नहीं समझी कि पहचान के लिए बेहद जरूरी इस कार्ड को बनाने में आखिरकार क्यों आम लोगों को दिक्कत आ रही है और दलालों के जरिए बेहद जल्दी काम हो जाता है।

जनवरी से लेकर जून तक दैनिक जागरण की ओर से समय-समय पर दलालों के सक्रिय होने संबंधी विभिन्न समाचार प्रकाशित किए गए। समाचार छपने के एक-दो दिन तो हालात ठीक रहते, पर फिर से दलाल यहां सक्रिय हो जाते। इसकी सूचना व शिकायत आम लोगों ने भी कई बार जिला सूचना अधिकारी से लेकर एसडीएम, नगराधीश, अतिरिक्त उपायुक्त से भी की गई थी। इसके बावजूद ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही कारण रहा कि यहां दलालों के हौसले बुलंद थे, उनका काम बढ़ता चला गया और आम लोगों के पिसने का क्रम बढ़ता चला गया। विधायक ने दो माह पहले भी दी थी शिकायत

आम आदमी की क्या कहें, जब विधायक ललित नागर की शिकायत पर ही कोई कार्रवाई नहीं हुई। विधायक के फर्जी लेटर हेड से आधार कार्ड में पता बदलवाने का यह गोरखधंधा दो माह पहले ही उजागर हो जाता, अगर विधायक की शिकायत फाइलों के बीच में न दब जाती। तिगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक ललित नागर ने करीब दो माह पहले सेंट्रल थाने में इस बारे में एक शिकायत दी थी, पर पुलिस ने जांच तक करना उचित नहीं समझा। जब ऐसे मामले बढ़ते चले गए तो विधायक नागर ने मंगलवार को पुलिस आयुक्त संजय कुमार से सीधे बात की और कहा अगर जिलास्तर पर शिकायत नहीं सुनी गई तो वह सीधे पुलिस महानिदेशक को फोन करेंगे। इसके बाद पुलिस ने उनकी शिकायत ली और इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। खुद ही करना पड़ा स्टिंग

विधायक ललित नागर के भाई मनोज नागर ने सेंट्रल थाने में शिकायत तो दे दी, पर पुलिस कर रवैया देख खुद ही स्टिग करना मुनासिब समझा। उन्होंने पुलिस को साथ चलने को कहा, पर उन्होंने बाद में आने की बात कही। इसके बाद मनोज नागर अपने साथियों को लेकर आधार केंद्र पर पहुंच गए और गिरोह के सदस्यों को खुद पकड़ा। बाद में थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह भी पहुंच गए थे। मुझे इसकी सूचना मिली है। इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। इसमें किस-किस कर्मचारी की मिलीभगत है जल्द सामने आ जाएगा। आधार केंद्र पर सिस्टम बनाएंगे और दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अतुल कुमार द्विवेदी, जिला उपायुक्त।

हां, यह ठीक है कि विधायक ललित नागर की शिकायत तो आई थी। हमने जांच की थी पर कुछ ऐसा नहीं मिला। इसलिए कार्रवाई नहीं की जा सकी। -नरेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, सेंट्रल।

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *