Mayawati - Akhilesh Yadav

Alliance With Akhilesh Yadav Will Leave Modi-Shah Sleepless, Says Mayawati

महागठबंधन: बसपा के कोटे में जा सकती हैं यह दोनों सीटें, जानें राजनीतिक इतिहास

लोकसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा के बीच महागठबंधन हो गया है। दोनों पार्टियां 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। जबकि कांग्रेस के लिए गठबंधन न होते हुए भी अमेठी व रायबरेली की सीट छोड़ दी गई हैं। दो सीटें अन्य दलों को दी जाएंगीं। लखनऊ में शनिवार को अखिलेश यादव और मायावती ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महागठबंधन का एलान कर दिया।

महागठबंधन में और कौन-कौन से दल शामिल होंगे, दोनों नेताओं ने इसका जिक्र नहीं किया है। हालांकि मथुरा में रालोद प्रमुख अजित सिंह ने महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की बात कहे चुके हैं, लेकिन वो दो सीटों पर मानेंगे या नहीं, यह तो देखने वाली बात है। फिलहाल 38 सीटों में आगरा की दो सीटें बसपा के खाते में जा सकती हैं।

सीट बंटवारे में सबसे ज्यादा जोर इस पर दिया गया है कि 2014 केचुनाव में कौन दल दूसरे नंबर पर रहा। ज्यादातर सीटें उसी को दी गई हैं। आगरा में दोनों सीटों पर बसपा दूसरे स्थान पर रही थी। आगरा में नारायन सुमन उम्मीदवार थे, फतेहपुर सीकरी में सीमा उपाध्याय।

सपा-बसपा गठबंधन पर साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दैरान मायावती ने अखिलेश के चाचा शिवपाल पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा द्वारा उन पर बहाया जा रहा पैसा बेकार जाएगा। मायावती ने कहा कि बीजेपी चाहती है कि लोकसभा चुनाव में वोट बंटे। संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ बैठीं मायावती ने कहा कि वह सपा और बसपा नेताओं से बताना चाहती हैं कि जो पार्टी शिवपाल और अन्य चला रहे हैं, उसके पीछे बीजेपी पानी की तरह पैसा बहा रही है। उन्होंने कहा कि ये सारा पैसा बर्बाद जाएगा।

मायावती ने कहा कि 4 जनवरी को ही गठबंधन फाइनल हो गया था। इसकी भनक शायद भाजपा को हो गई थी जिसकी वजह से हमारे सहयोगी अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने के लिए जबरन उनका नाम खनन घोटाले में शामिल किया गया। बसपा इसकी निंदा करती है। हम सपा के साथ इस मामले में पूरी तरह से खड़े हुए हैं। भाजपा के इस कदम के बाद गठबंधन और मजबूत होगा।

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