मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हाईटेक एएलएस एंबुलेंस

Ambulance sick increasing pain of patients in Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के योगी राज में एंबुलेंस बीमार, मरीजों का बढ़ रहा दर्द

मरीजों की जान बचाने के लिए फर्राटा भर रहीं एंबुलेंस को इस वक्त खुद की जान बचाने के लाले हैं। कारण, इनको मेंटीनेंस समय पर नहीं मिल रहा। इससे मरीजों का दर्द और भी बढ़ रहा है। मरीजों को समय पर एंबुलेंस मुहैया नहीं हो पाती और रफ्तार भी धीमी हो गई है।

तहसील क्षेत्र में बीमार, सड़क दुर्घटना व अन्य दिक्कतें होने पर 108 व प्रसव के लिए 102 की महज आठ एंबुलेंस दौड़ रही है। यह एंबुलेंस राजकीय मेडिकल कालेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिर्वा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठठिया, इंदरगढ़ व हसेरन से जुड़ी हुई है। इस वक्त एंबुलेंस की हालत पूरी तरह से खराब हो गई। कारण, इनका समय पर न तो दुरुस्तीकरण हो पाता और न ही इनके उपकरण को ठीक कराया जाता है। एंबुलेंस में ऑक्सीजन के अलावा अन्य प्राथमिक उपचार की किट भी नहीं रह गई। इनमें शीशे, खिड़की, गेट, स्टेचर, इंटीगेटर, हेड लाइट, बैक लाइट टूट गई है, साथ ही इंजन तक जवाब देने लगा है। इनकी दिक्कतें के कारण मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मुहैया नहीं हो पाती है।

एंबुलेंस में नहीं लगी फॉग लाइट

सर्दी का मौसम पूरी तरह से शुरू हो गया और कोहरे की धुंध भी धीरे-धीरे बढ़ने लगे। कोहरे की धुंध में एंबुलेंस में फाग लाइट लगनी जरुरी है। महज दो एंबुलेंस में फाग लाइट लगी और उनमें भी टूट चुकी है। इनके हूटर व छतों पर लगी नीली लाइटें भी खराब हो गई है।

यहां पर इतनी एंबुलेंस

मेडिकल कालेज – 108 व 102 की दो-दो

स्वास्थ्य केंद्र तिर्वा – 108 व 102 की दो-दो

ठठिया, इंदरगढ़ व हसेरन – 108 की एक-एक क्या कहते हैं जिम्मेदार

सरकारी एंबुलेंस के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है। इनको शासन स्तर से बजट मिलता है। फिर भी जांच कराई जाएगी और संस्था को नोटिस भेजकर काम कराया जाएगा।-डॉ. के स्वरुप, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।

उत्तर प्रदेश के योगी राज में नहीं मिला साधन, ‘बेबसी’ की एंबुलेंस से पहुंचे अस्पताल

जिले की स्वास्थ्य और एंबुलेंस सेवा ध्वस्त हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए सरकार ने मुफ्त एंबुलेंस सेवा प्रदान कर रखी है, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते गरीबों को फायदा नहीं मिल पा रहा है।

थाना क्षेत्र के बहसुइया गांव निवासी संतराम क परिजनों ने एक सप्ताह पूर्व कानपुर के निजी अस्पताल में डॉक्टर ने पेट का आपरेशन किया था। इसी कारण शनिवार सुबह उसके पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन अस्पताल तक ले जाने के लिए 108 पर निश्शुल्क एंबुलेंस बुलाने के लिए दो घंटे तक कोशिशें करते रहे। लेकिन उनकी कॉल नहीं लग सकी। दर्द बढ़ने पर परिजन मजबूर हो गए और किराया पर रिक्शा बुलाया। उसी पर संतराम को लाद लिया और ठठिया स्थित सरकारी अस्पताल पर पहुंच गए। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे राहत मिली सकी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के स्वरुप ने बताया कि लिखित शिकायत होने पर नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के योगी राज में बदायूं में बिना ऑक्सीजन, उपचार किट दौड़ रही एंबुलेंस

इमरजेंसी सेवा के लिए सरकार की 108 और 102 एंबुलेंस सेवा को मखौल बना दिया है। यहां बिना ऑक्सीजन तथा उपचार किट के एंबुलेंस दौड़ रहीं होती। बिना ऑक्सीजन और उपचार किट के एंबुलेंस मिलने पर सीएमओ ने नोडल अधिकारी को नोटिस जारी किया है।

सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह पिछले एक सप्ताह से लगातार जिले में देहात की चिकित्सा सेवाओं को चेक कर रहे हैं। इस निरीक्षण अभियान के दौरान पिछले दो दिन में तीन एबुलेंस ऐसी मिली हैं, जिनमें इमरजेंसी की कोई सुविधा ही उपलब्ध नहीं थी। बिना ऑक्सीजन और उपचार किट के एबुलेंस को दौड़ाया जा रहा है। चाहे वह 108 एंबुलेंस हो या फिर 102 एंबुलेंस हो। दम तोड़ती सेवाओं को लेकर सीएमओ ने छापामारी अभियान शुरू कर दिया है। बीते दिन सीएमओ ने कछला सीएचसी पर निरीक्षण किया।

सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि कछला में 102 एंबुलेंस गाड़ी संख्या 0276, जो यादराम नाम का चालक चला रहा था, निरीक्षण में देखा तो बड़ा ऑक्सीजन गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं थी और छोटे में गैस व उपचार किट भी नहीं थी। इसके अलावा 108 एंबुलेंस की गाड़ी संख्या 1295 पर शैलेंद्र सिंह चला रहे थे और यहां भी गैस व उपचार किट की समस्या थी। इस पर सीएमओ ने एबुलेंस प्रभारी को नोटिस जारी कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं।

कोई जानकारी नहीं है

108 एंबुलेंस प्रभारी राजेंद्र गंगवार ने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है, रही बात उपचार किट की तो दवाएं कुछ समय से नहीं मिली हैं। गैस सिलेंडर बड़ा वाला खत्म हो सकता है। छोटा वाला हमेशा उपलब्ध रहता है।

मरीजों की सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि एंबुलेंस सेवा को चेक किया था, एक में सिलेंडर नहीं था और एक में ऑक्सीजन गैस नहीं थी, उपचार किट भी नहीं मिली है। मरीजों की सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एंबुलेंस प्रभारी को नोटिस दिया है शासन को भी पत्र लिखा है।

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