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GST का सबसे बड़ा नुकसान, प्रधानमंत्री मोदी को टेंशन में डाल देगा
GST का सबसे बड़ा नुकसान, प्रधानमंत्री मोदी को टेंशन में डाल देगा

GST का सबसे बड़ा नुकसान, प्रधानमंत्री मोदी को टेंशन में डाल देगा

देश के कारोबार ठप हो जाएंगे। जीएसटी की आहट से ही हरियाणा का कारोबार लड़खड़ा गया। कारोबारी व उद्यमी जहां संशय की स्थिति में हैं। वहीं कारोबार में 25 फीसदी तक गिरावट आई है। इतना ही नहीं वर्तमान में हरियाणा भर के विभिन्न उद्योगों के लगभग 400 करोड़ से अधिक के आर्डर भी लटक गए हैं। ट्रेडर्स ने खरीद-फरोख्त कम कर दी है और असमंजस के कारण अपना पुराना स्टॉक भी निकालने लगे हैं।

इसके विरोध में कई जिलों में कारोबारी सड़कों पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं। हरियाणा में सूक्ष्म, लघु व मीडियम उद्योगों की संख्या 30 हजार से अधिक है। जबकि अन्य छोटे कारोबारियों की संख्या काफी अधिक है। इन उद्योगों में लगभग 650 इकाइयां ऐसी हैं, जो 680 करोड़ से ज्यादा के उत्पादों का हरियाणा से एक्सपोर्ट भी करती हैं।

इन उद्योगों में करनाल का एग्रीकल्चर इंपलीमेंट्स, प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग, फार्मास्युटिकल, डेयरी एंड आइसक्रीम, प्लास्ट पैक, साइनेज एंड एडवरटाइजमेंट, गुरुग्राम के प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग, लैदर प्रोडक्ट एंड गारमेंट, ऑटो कंपोनेंट्स, ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडीमेड गारमेंट, बहादुरगढ़ का फुटवियर क्लस्टर, पानीपत का टेक्सटाइल व होम फर्निशिंग, टेक्सटाइल मशीनरी, क्यूलिट एंड एप्लाइड प्रोडक्ट शामिल हैं।

सिरसा में होजरी व वुलन गारमेंट, सोनीपत का स्टेनलेस स्टील व यूटेंसिल, फरीदाबाद में फेब्रिकेशन एंड फिटिंग, रोहतक में सामान्य इंजीनियरिंग व फास्टेनर, भिवानी में फिटनेस व सर्जिकल इक्यूपमेंट, यमुनानगर का प्लाइवुड क्लस्टर व इंजीनियरिंग, समालखा में आयरन फाउंड्री, जगाधरी में मेटल प्रोसेसिंग व स्टील व अंबाला में साइंस, दवा, मिक्सी व थोक कपड़ा उद्योग भी शामिल है।

अंबाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट एंड मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र सहगल कहते हैं कि अब तक साइंस उपकरणों पर पांच प्रतिशत टैक्स था, लेकिन अब 18 प्रतिशत करने की तैयारी है। इससे उद्योग की कमर टूट जाएगी। हरियाणा क्लॉथ ट्रेड फेडरेशन के प्रधान दिनेश ग्रोवर ने कहा कि आज तक लोगों ने कपड़ों पर टैक्स नहीं दिया, लेकिन अब इसे भी जीएसटी के दायरे में लाया जा रहा है। जिस वजह से क्लाथ ट्रेडर्स में बहुत रोष है।

भिवानी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट धर्मवीर नेहरा के अनुसार, जीएसटी के हौवे से पहले ही कारोबार बहुत प्रभावित हो गया है। बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव उम्मेद पवार के अनुसार, जीएसटी की वजह से कारोबार लड़खड़ा गया है। इंटीग्रेटिड एसोसिएशन ऑफ माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज ऑफ इंडिया के प्रधान राजीव चावला के अनुसार, पहले नोटबंदी और अब जीएसटी से भी ऐसा ही माहौल बनने वाला है।

गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान वीपी बजाज के अनुसार, कारोबारी चिंतित हैं कि आखिरकार जीएसटी से कारोबार का क्या होगा? हिसार इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव जगदीश राय जिंदल के अनुसार ट्रेडर्स इससे अभी ही प्रभावित होने लगा है। आल इंडिया वुलन एंड शॉडी मिल एसोसिएशन पानीपत के प्रधान पवन गर्ग के अनुसार, इस वक्त सेल बहुत कम हो गई है और आर्डर भी संशय की वजह से लटक गए हैं।

हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री पंचकूला चैप्टर के महासचिव पीसी गुप्ता के अनुसार, अभी जीएसटी को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है, इसलिए कारोबारी क्या धंधा करे? हरियाणा प्लाइवुड मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन यमुनानगर के चेयरमैन देवेंद्र चावला के अनुसार इस इंडस्ट्री को 28 फीसदी के दायरे में लिया जा रहा है, जो कि गलत है। आर्डर न के बराबर है, कोई भी उद्यमी जोखिम नहीं लेना चाहता।