द‌िवाली

Chhath Puja 2018

रिश्तों में मिठास बढ़ाता है छठ पर्व

छठ पर्व के दूसरे दिन खरना बनाने और सेवन करने से रिश्तों में मिठास बढ़ती है। परंपरागत तरीके से जब सगे, संबंधी और पड़ोसी मिलकर साथ में खीर और रोटी खाते हैं तो भाईचारा बढ़ता है।

सोमवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्वांचल के मूल निवासियों ने घरों में खरना बनाया। रात को घरों में खासी रौनक रही। खरना को लेकर एक खास बात यह भी है कि जो लोग छठ व्रत नहीं रखते या छठ पूजा नहीं करते, वे खरना प्रसाद का सेवन कर मन्नत मांग लेते हैं।

मन्नत में लोग यही चाहते हैं कि छठ मइया उनके मन की सुन ले। अगर लोगों की मन्नत पूरी हो जाती है तो इससे अगले वर्ष लोग छठ मइया की पूजा करने लगते हैं। शहर में ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने पिछले वर्षों में खरना प्रसाद खाया था और उनकी मन्नत पूरी हुई है।

मैंने पिछले वर्ष छठ पर्व के दौरान खरना प्रसाद खाया था और छठ मइया से औलाद की मन्नत मांगी थी। मेरी मन्नत पूरी हुई है। छठ पर जब खरना बनाया जाता है तो सगे, संबंधियों को भी बुलाया जाता है। सब मिल कर खरना का सेवन करते हैं। इससे रिश्तों में मिठास बढ़ती है। -प्रियंका, सेक्टर-तीन निवासी।

छठ व्रतियों ने खरना किया पूरा, आज दिया जाएगा पहला अघ्र्य

छठ महापर्व के दूसरे दिन सोमवार को छठ व्रतियों ने खरना का विधान पूरा किया। सुबह स्नान के बाद दिन भर उपवास रखा गया। इसके बाद चंद्रमा डूबने से पहले गुड़ की खीर का प्रसाद बनाया और शाम को सूर्य ढलने के बाद विधि-विधान से पूजा सम्पन्न हुई। इसके बाद खीर, रोटी, केला आदि प्रसाद भगवान को अर्पित किया। पूजा के बाद व्रतियों ने प्रसाद वितरित किया।

खरना के साथ कठोर निर्जला उपवास शुरू :

छठ व्रतियों ने सोमवार को खरना का विधान पूरा किया। इसी के साथ निर्जला उपवास भी शुरू हो गया। प्राचीन हनुमान मंदिर सेवा समिति के प्रधान गंगेश तिवारी ने बताया कि अब मंगलवार शाम को सूर्य की अंतिम किरण को पहला अघ् र्य दिया जाएगा। वहीं बुधवार को छठ व्रती उगते सूरज को अघ् र्य देने के बाद व्रत का पारण करेंगे, इसके लिए तैयारियां जारी हैं। अघ् र्य की तैयारी के लिए बाजार रहे गुलजार : छठ व्रत के तीसरे दिन मंगलवार को भास्कर भगवान को पहला अघ् र्य दिया जाएगा। एक दिन पहले संध्या अघ् र्य के लिए भी व्रतियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, वहीं पूजा से जुड़ी सामग्री की खरीदारी के लिए बाजार गुलजार रहे। पूजा के लिए व्रतियों ने गेहूं, पिसे चावल, सेब, केला, संतरा, सरीफा, गन्ना, नारियल जटा वाला, चना, सीताफल, लौकी, शकरकंद, मिठाई, लौंग, इलाइची, पान, जायफल आदि खरीदे।

जाति और धर्म से दूर छठ व्रतियों की सेवा में जुटे सेवादार :

एक तरफ जहां छठ व्रती विधि-विधान से पूजन में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर छठ घाटों पर जाति और धर्म से दूर शहरवासी छठ व्रतियों की सेवा में दिन-रात लगे हैं। घाटों पर सफाई की व्यवस्था हो या फिर अघ् र्य के इंतजाम, पूजन के दौरान भीड़ को व्यवस्थित करने की तैयारी हो या फिर कृत्रिम घाट तैयार करने का काम कई समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर इस काम में लगे हैं।

सलमान अली : जवाहर कॉलोनी निवासी सलमान अली सेक्टर-22 में प्राचीन हनुमान मंदिर सेवा समिति की ओर से बनाए छठ घाट पर तैयारी में जुटे हैं। पिछले करीब छह सालों से छठ पूजा में बढ़-चढ़कर सहयोग देते हैं और घाट सजाने से लेकर पूजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने तक में सहयोग देते हैं। सलमान बताते हैं कि पिता रहमान अली समाज सेवा में सक्रिय हैं, इसलिए इन कामों में शरीक होने से परिवार को कोई दिक्कत नहीं है। दीपावली, होली, छठ की तैयारी कराने में खुशी मिलती है। इसी तरह ईद में कई हिन्दू परिवार सहयोग देते हैं।

धर्मवीर खटाना : सेक्टर-23ए में गुर्जर समुदाय से जुड़े धर्मवीर खटाना पिछले कई सालों से इलाके में छठ महापर्व का आयोजन धूमधाम से कराने में सक्रिय हैं। छठ पूजा सेवा समिति के संरक्षक के तौर पर छठ व्रतियों के लिए घाट बनवाने, सफाई कराने, पानी की व्यवस्था, पूजन के इंतजाम से लेकर सारी तैयारी कराते हैं। धर्मवीर का कहना है कि आस्था के इस महापर्व में व्रतियों की सेवा में सहयोग देने से काफी सुकून मिलता है। सभी धर्म और जाति के लोग एक-दूसरे के साथ त्योहार का आनंद उठा पाते हैं यही देश की खासियत है।

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *