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अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

अखिलेश बोले, मुझे पूरा विश्वास है नेताजी साइकिल के लिए ही वोट मांगेंगे

फूलमालाएं नहीं, भीड़ के अतिरेक से सम्मान

यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने सपा के संरक्षक मुलायम‌ सिंह यादव के बयान पर सफाई दी और कहा कि मुझे पूरा यकीन है कि नेताजी साइकिल के लिए ही वोट मांगेंगे।

अखिलेश के मंच पर बदलाव की आंधी

सपा सुप्रीमो और मुख्यमंत्री अखिलेश के मंच पर यह बदलाव वाली आंधी थी। चुनावी नतीजे चाहे जो रहें, लेकिन इससे पहले सपा की धमक ने अन्य दलों के पेट में पानी कर दिया है। खासतौर से भाजपा के लिए अपनों की बगावत मुसीबत का सबब बनती नजर आने लगी है। टिकट की जंग में हारे भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी से नाता तोड़ दिया और सीएम की मौजूदगी में सपा में शामिल हो गए।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मंच पर पहुंचने से पहले ही इन नामों का एलान होने लगा था। इसमें सबसे खास 2007 में बसपा से जीते पटियाली के पूर्व विधायक अजय यादव रहे। इनके अलावा एटा नगर पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी ने भी भाजपा छोड़ सपा का दामन थाम लिया। वर्ष 2009 में भाजपा की टिकट से एटा लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ चुके डॉ. श्याम ¨सह शाक्य भी एटा सदर से सपा प्रत्याशी जुगेंद्र ¨सह के लिए वोट मांगते नजर आए। यही नहीं, खांटी भाजपाई राहुल गुप्त एडवोकेट भी सपा से जुड़ गए।

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

-धर्मग्रंथों में लिखा है कि जो धोखा करता है, उसे धोखा ही मिलता है। भाजपा ने हर सीट से दस-दस लोगों को टिकट का झांसा देकर अपना प्रचार कराया। हर सीट पर जिन 9-9 लोगों को धोखा मिला है, वे पूरे प्रदेश में भाजपा की हालत खराब कर देंगे।
राकेश गांधी, पालिकाध्यक्ष एटा

-मैं और मेरा परिवार हमेशा भाजपाई रहा। मेरे पिता विजितेंद्र गुप्त जिले में भाजपा के सर्वप्रथम संयोजक थे। मैं मानता हूं कि हम पार्टी की जड़ हैं और जब जड़ हिल जाए तो पौधा बहुत तेजी से सूखता है। भाजपा वैश्य वर्ग को अपना बंधुआ मानती है।
राहुल गुप्त, एडवोकेट

-वर्ष 2009 में एटा संसदीय सीट पर कल्याण ¨सह ने मुलायम सिंह से राजनीतिक दोस्ती के बूते ही जीत हासिल की थी। लेकिन बाद में कल्याण सिंह ने सपा का साथ छोड़ दिया और एटा के लिए कुछ नहीं किया। बाद में उनके पुत्र राजवीर सिंह भी सांसद हो गए, लेकिन विकास के नाम पर यहां कुछ नहीं है। सपा ही विकास करा सकती है।
डॉ. श्याम ¨सह शाक्य, सर्जन

अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

-सपा की नीतियां और विकास की सोच अन्य दलों के मुकाबले बेहतर है। युवा और ऊर्जावान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रदेश को लगातार विकास के रास्ते पर बढ़ा रहे हैं। सपा को विधानसभा चुनाव जिताने में सभी मिलकर साथ देंगे।
अजय यादव, पूर्व विधायक।

सीधे संवाद कर अखिलेश ने टटोली नब्ज

चुनाव की संवेदनशील घड़ी में अखिलेश यादव ने मंजे हुए खिलाड़ी की तरह वोट बैंक मजबूत बनाए रखने को जनता से सीधे संवाद किया। उनकी नब्ज टटोली, युवाओं में जोश भरने को कसीदे भी पढ़े। युवा सोच का संदेश देते हुए गठबंधन की दुहाई देने से भी नहीं चूके। संदेश यह कि दो दलों के प्रेम से साइकिल की रफ्तार मजबूत हुई है। उनके मीठे और लुभावने शब्दों के जाल में हजारों लोग हां में हां मिलाते रहे।

एटा जिले की चार सीटों पर मतदान 11 फरवरी को है। सोमवार को यहां आए अखिलेश यादव ने जन समुदाय की नब्ज टटोलने को सधे अंदाज में सभा में सीधे संवाद किया। पहले अपनी सरकार के वायदे दोहराए, लोगों से पूछा कि सपा सरकार के पांच सालों में काम हुआ कि नहीं, विकास की गंगा बहाई कि नहीं? जारों लोगों की भीड़ ने जवाब दिया, हां विकास कार्य हुए। एटा व कासगंज में बहुत काम हुए। इस बात को सुन श्री यादव मुस्करा उठे। उन्होंने फिर तुरुप का पत्ता जनसमुदाय के समक्ष फेंका। बोले, उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बिजलीघर मलावन में बनाने का काम किसने शुरू कराया? सैकड़ों युवाओं की आवाज वातावरण में एक साथ गूंजी, आपने। इस पर विश्वास से भरकर बोले, तो फिर बताओ सरकार बननी चाहिए कि नहीं? हजारों लोगों ने हाथ उठाया और जवाब दिया, बनेगी-बनेगी।

इसके बाद श्री यादव ने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए सरकार की पांच साल की उपलब्धियों पर कसीदे पढ़ने शुरू कर दिए। बोले, सड़कें बनवाईं, पुल का निर्माण कराया, समाजवादी पेंशन दी, अब सरकार बनी, तो पेंशन की राशि 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी जाएगी। गांव में किसानों के पशुओं के इलाज के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू करने की योजना है। पुलिस को और ताकतवर बनाया जाएगा। युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराए बिना प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। युवाओं पर एक बार फिर पासा फेंकते हुए बड़े सधे अंदाज में उन्होंने कहा कि नौकरियों में सीधी भर्ती के लिए प्रक्रिया अपनाई जाएगी। दौड़ लगाओ, पास हो जाओ और नौकरी पाओ। इस बात को सुनकर सभा में मौजूद करीब हजारों युवा खिलखिलाकर हंस पड़े और दोनों हाथ उठाकर बोले, अखिलेश यादव ¨जदाबाद।\

अखिलेश यादव
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अलीगंज विधानसभा के जैथरा में सोमवार को हुई चुनावी जनसभा का नजारा अब तक हुई चुनावी सभाओं से एकदम अलग सा दिखा। सपा प्रत्याशी विधायक रामेश्वर ¨सह यादव के समर्थन में आयोजित मुख्यमंत्री की सभा में न फूलमालाएं थीं, और न ही किसी तरह के स्वागत-सत्कार की औपचारिकताएं लेकिन भीड़ के सैलाब ने अपने नारे बुलंद कर जो सत्कार किया, वह अखिलेश को गदगद कर गया। उनके साथ आए पूर्व केंद्रीय मंत्री कांग्रेस नेता सलीम इकबाल शेरवानी भी युवाओं के इस अभिवादन को देख स्वयं को रोक न सके। उन्हे अपना संबोधन शुरू करने से पहले कार्यकर्ताओं को इशारों ही इशारों में रुकने का संदेश देना पड़ा।

जैसे ही आसमान में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हैलीकाप्टर की गड़गडाहट सुनाई दी। मुलायम ¨सह यादव और अखिलेश यादव के नारों की गूंज बुलंद हो गई। मकानों, ऊंचे भवनों और पेड़ों की शाखाओं पर लटके युवाओं में भी जोश और उत्साह की कोई सीमा नही थी। हजारो आंखे आसमान की ओर उठीं और हाथ हवा में लहराने लगे। मानों मुख्यमंत्री उन्हें आसमान की ऊंचाई से निहार रहे हों। दोपहर 3 बजे जैसे ही उड़न खटोला हैलीपेड पर उतरा, मैदान में भीड़ का सैलाब उमड़ पड़ा।