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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, ढाई साल में कुछ नहीं कर सके पीएम मोदी

फर्रुखाबाद, कन्नौज और हरदोई जिलों में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कांग्रेस-सपा गठबंधन की सीटों पर ही सबसे ज्यादा बयान देते नजर आये। अखिलेश ने कहा कि कांग्रेस-सपा गठबंधन को करीब 300 सीटें मिलेगी और दोबारा पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।

जीटी रोड को फोरलेन बनाकर इससे कन्नौज, फर्रुखाबाद को बेवर या किसी अन्य जगह से जोड़ा जाएगा। तिर्वा-कन्नौज फोरलेन को औरैया तक बनाया जाएगा। युवाओं की पढ़ाई के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर कौशल विकास केंद्र का निर्माण कराया जाएगा।

अमृतपुर विधानसभा के अंतर्गत मोहद्दीपुर की जनसभा मे अखिलेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ढाई साल में कुछ नहीं कर पाए अब क्या करेंगे। सब रुपया जमा करा लिया। अब तो काले धन का हिसाब दो।

अखिलेश ने प्रधानमंत्री से पूछा मन की बात कब तक करोगे। अब कुछ काम की बात भी करें प्रधानमंत्री। ढाई साल में कुछ नहीं कर पाए अब क्या करेंगे। सब रुपया जमा करा लिया। अब तो काले धन का हिसाब दो।

अखिलेश यादव ने कहा कि किसी के पास खाता में 15 लाख तो क्या 15 हजार भी नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि धन काला नहीं होता, लेन देन काला होता है। अखिलेश ने कहा कि कन्नौज आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चल लें। इसके बाद तो समाजवादियों को वोट देने का उनका भी मन होगा । हम तो कन्नौज में 100 एकड़ में आलू मंडी बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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कन्नौज हमारा डिम्पल का क्षेत्र

कन्नौज में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यहाँ के लोग एक बार मन बना लेते हैं तो पीछे नहीं हटते। ये हमारा डिम्पल का क्षेत्र है। कन्नौज में सब कुछ देंगे। अब यहाँ निर्विरोध जीता करेंगे समाजवादी।अरौल पुल से लेकर तिर्वा तक का काम देखिये। लखनऊ से कन्नौज तीन घंटे। अब सिर्फ 1 घण्टा लगेगा। इटावा से लखनऊ डेढ़ घण्टा।रफ़्तार से नहीं चलना एक्सप्रेसवे पर। 90 किमी में चलो।गांव सड़क से जुड़े। महंगाई रोकेंगे। पानीपत से ज्यादा मीठा कन्नौज का तरबूज। 101 एकड़ की मण्डी बना देंगे। आलू मंद बना रहे हैं। आलू किसानों को लाभ मिले। फ़्रांस की तरह कन्नौज का इत्र महकेगा दुनिया में। 250 करोड़ से परफ्यूम पार्क बन रहा है। समाजवादी इत्र दुनिया में जाए। यहां की खुशबू नहीं जाती। पहला चरण हमने जीत लिया दूसरा भी जीतेंगे। तीसरा तो घर मे है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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‘यादवलैंड’ में दांव पर लगी है अखिलेश की प्रतिष्ठा

यादवलैंड के नाम से मशहूर प्रदेश के छह जिले

यादवलैंड के नाम से मशहूर प्रदेश के छह जिलों में चार जिलों में तीसरे चरण में (19 फरवरी को) चुनाव होना है। ये वे जिलें हैं, जिन पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रतिष्ठा सीधे तौर पर दांव पर लगी है। इटावा, औरैया उनका गृह क्षेत्र हैं तो फर्रुखाबाद व कन्नौज कर्मभूमि।
कन्नौज से वह खुद सांसद रहे और अब डिंपल यादव सांसद हैं। सैफई परिवार की ज्यादातर पुरानी रिश्तेदारियां फर्रुखाबाद और कन्नौज में हैं। ऐसे में इन चारों जिलों के लोग मुख्यमंत्री के हर कदम पर खासतौर पर निगाह रखते हैं। पिछले दिनों चाचा-भतीजे के बीच चली जंग में सबसे ज्यादा खेमेबंदी भी इन जिलों में खुलकर देखने को मिली। दोनों खेमे ने नारेबाजी से लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया।

इटावा और फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही जिलाध्यक्षों के परिवर्तन के साथ ही समूचे संगठन की ओवर हालिंग तक हुई। इतना ही नहीं इन चार जिलों की सभी 13 सीटों पर सपा का कब्जा है। इसके बाद भी इस चुनाव में चार सिटिंग विधायक के टिकट काट दिए गए। टिकट कटने की जद में आने वाले इटावा के निर्वतमान विधायक रघुराज सिंह शाक्य, भरथना की निवर्तमान विधायक सुखदेवी वर्मा और फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज के निवर्तमान विधायक अजीत कठेरिया पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के खास माने जाते हैं।

जबकि औरैया जिले के विधूना के निर्वमान विधायक प्रमोद गुप्ता एलएस सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के साढ़ू हैं। ये चारों फिलहाल चुनाव मैदान से बाहर हैं। न तो खुलेतौर पर विरोध कर रहे हैं और न ही पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार के पक्ष में। इनका कुंडली मारना भी पेशबंदी का एक हिस्सा माना जा रहा है।

दूसरी तरफ इन सभी सीटों पर शिवपाल सिंह यादव के समर्थक माने जाने वाले सजातीय उम्मीदवार भी लोकदल सहित अन्य दलों के जरिए मैदान में डटे हैं। चुनावी बिसात पर इनकी पहचान अखिलेश विरोधी गुट के रूप में हो रही है। इस लिहाज से भी इन चारों जिले की 13 सीटों की चुनाव परिणाम सीधे तौर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है।