उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

CM Akhilesh Yadav has released the English book based on Kumbh Mela 2013 – ‘Mapping of the Ephemeral Mega City’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

इलाहाबाद कुम्भ मेला-2013 पर आधारित अंग्रेजी पुस्तक ‘मैपिंग द इफेमरल मेगासिटी’ का हिन्दी संस्करण प्रकाशित किया जाएगा

वर्ष 2013 में इलाहाबाद में सम्पन्न कुम्भ मेले पर हार्वर्ड विश्वविद्यालय के साउथ एशिया इंस्टीट्यूट द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘मैपिंग द इफेमरल मेगासिटी’ का हिन्दी संस्करण प्रकाशित किया जाएगा। अंग्रेजी संस्करण का विमोचन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा किया गया था।

यह जानकारी आज यहां देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कुम्भ मेले के सफल आयोजन के बारे में दुनिया के तमाम देश के लोगों को पुस्तक के अंग्रेजी संस्करण के जरिए समग्र जानकारी मिली थी।

इस पुस्तक के हिन्दी संस्करण के प्रकाशन से देश की जनता को भी कुम्भ मेले सम्बन्धी उपयोगी जानकारियां सुलभ हो सकेंगी। इसके अलावा, विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोध करने वालों तथा शासन-प्रशासन से जुड़े अधिकारियों के लिए भी यह हिन्दी प्रकाशन उपयोगी साबित होगा।

गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा था कि सरकार के गठन के बाद उनके समक्ष कुम्भ मेले का सफल आयोजन कराना एक चुनौती था। लगातार समीक्षा एवं अनुश्रवण कर सभी सम्बन्धित अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग और मेहनत से कुम्भ मेले का सफल आयोजन कराया गया। मेले के दौरान करोड़ों लोगों का संगम पर एकत्रित होना, उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। 55 दिन तक चलने वाले इस महापर्व को सफल बनाने में सभी स्तर से सहयोग एवं योगदान प्राप्त हुआ था।

इस अवसर पर हार्वर्ड विष्वविद्यालय के साउथ एषिया इन्स्टीट्यूट के प्रबन्धन एवं षिक्षाविदों द्वारा कुम्भ मेला के आयोजन एवं पुस्तक में उपलब्ध सामग्री की जानकारी भी दी गई थी। यह बताया गया था कि विष्व के सबसे बड़े जन समारोह, कुम्भ मेला के आकार और विविधता के कारण इन्स्टीट्यूट द्वारा इसके प्रबन्धन का अध्ययन एक शोध प्रोजेक्ट के रूप में किया गया।

इसके तहत, वास्तुकला तथा शहरी योजना से जुड़ी टीम ने व्यवस्थित तरीके से कुम्भ मेला क्षेत्र में विभिन्न सेक्टरों का डाॅक्यूमेण्टेशन करके शहरी विकास, जन स्वास्थ्य, पेयजल आपूर्ति, धर्म और संस्कृति, आवष्यक वस्तु आपूर्ति, प्रदूषण से मुक्ति, विद्युत आपूर्ति, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा के साधन, संचार माध्यम, जोखिम प्रबन्धन, पुल निर्माण आदि से जुड़े सभी पहलुओं को एक पुस्तक का आकार प्रदान किया।

पुस्तक में प्रो0 डायना एैक फैकल्टी आॅफ आर्ट्स एण्ड साईंसेस और डिविनिटी स्कूल के प्रो0 राहुल महरोत्रा, हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल आॅफ डिजाईन के अलावा हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के षिक्षक, षोधार्थी, प्रषासनिक संकाय सहित विभिन्न विषेषज्ञों द्वारा सामग्री संकलित की गयी है।

Hindi edition of the English book based on Kumbh Mela 2013 – ‘Mapping of the Ephemeral Mega City’ to be published

South Asian Institute of the Harvard University to publish the book

The English book based on Kumbh Mela 2013-‘Mapping of the Ephemeral Mega City’, based on the Kumbh Mela held in Allahabad in 2013, published by the Harvard University would now be published in Hindi. The English edition was released by Uttar Pradesh Chief Minister Mr Akhilesh Yadav.

Giving this information, a government spokesman said that the English edition of the book had widely publicised, world over, the successful organising of the mega congregation. With the book now to be published in Hindi, many more people would be able to have a detailed insight into the Mela, the spokesman further informed.

It may be pointed out here that while releasing the book last year in New Delhi, Mr Yadav had recalled how the event to be held, after the government formation was a daunting task. Continuous deliberations, monitoring, reviews, hard work and cooperation of officials and employees had made the Kumbh Mela a grand success.

Millions of people gathered at the ghats on Sangam and providing them with security and all facilities was an uphill task, which was ultimately achieved. The South Asia Institute had detailed all aspects of the 55-day mela and had compiled it in the book in form of a research, largely due to its sheer size and management.

Under this documentation of city planning, architecture, urban development, public health, potable water supply, culture and religion, supply of essential items, doing away with pollution, power supply, traffic management, security set up, communication methods etc. were also detailed in the book.

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