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यूपी में भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ कड़ी टक्कर है। बसपा दोनों से काफी पीछे है।
यूपी में भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ कड़ी टक्कर है। बसपा दोनों से काफी पीछे है।

यूपी में भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ कड़ी टक्कर है। बसपा दोनों से काफी पीछे है।

एबीपी और सीएसडीएस एग्जिट पोल

एबीपी और सीएसडीएस के सर्वे के मुताबिक उत्तर प्रदेश में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। भाजपा को 164 से 176, सपा को 156 से 169 और बसपा को 60 से 72 सीट मिलने का अनुमान है।

एग्जिट पोल्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कहीं भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है तो कहीं सपा-कांग्रेस गठबंधन के साथ उसकी कड़ी टक्कर है। बसपा दोनों से काफी पीछे है।

न्यूज-24 चाणक्य एग्जिट पोल

न्यूज-24 और चाणक्य के एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने के पूरे आसार हैं। एग्जिट पोल में भाजपा को 285 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है। इस एग्जिट पोल में सत्तारूढ़ सपा और कांग्रेस गठबंधन 88 सीटों पर सिमटता दिख रहा है, जबकि बसपा को 27 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है।

आजतक और एक्सिस एग्जिट पोल

आजतक और एक्सिस के एग्जिट पोल में भी भाजपा की सरकार बनाती दिख रही है। भाजपा को 251 से 279 सीट मिलने का अनुमान जताया गया है, जबकि सपा-कांग्रेस के गठबंधन को 88 से 112 सीटें और बसपा को 28 से 42 सीटें मिलने का अनुमान है।

टाइम्स नाउ-वीएमआर एग्जिट पोल

टाइम्स नाउ और वीएमआर के एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है और 210 से 230 सीट के साथ उसे जरूरी बहुमत मिलने की बात कही गई है। सपा को 110 से 130 और बसपा को 67 से 74 सीट मिलने की संभावना जतायी गई है।

इंडिया टीवी और सी-वोटर

इंडिया टीवी और सी-वोटर के एग्जिट पोल में भी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से दूर नजर आ रही है। सपा-कांग्रेस गठबंधन को दूसरे नंबर पर और बसपा को तीसरे नंबर पर दिखाया गया है। इंडिया टीवी और सी-वोटर के अनुसार उत्तर प्रदेश में भाजपा को 155 से 167 सीटें, सपा-कांग्रेस को 135 से 147 और बसपा को 81 से 93 सीटें मिल सकती हैं।

2012 का परिणाम आया तो चौंक उठे लोग

समाजवादी पार्टी पर पांच वर्ष बाद फिर भरोसा जताया। रिकार्ड सीट (224) हासिल होने पर सपा को पहली बार बहुमत की सरकार बनाने का मौका मिला।

उत्तर प्रदेश प्रदेश की जनता ने खंडित जनादेश की परम्परा को वर्ष 2012 के चुनाव में भी न पनपने दिया। प्रदेश में बसपाराज से उकताये मतदाताओं ने समाजवादी पार्टी पर पांच वर्ष बाद फिर भरोसा जताया।

रिकार्ड सीट (224) हासिल होने पर सपा को पहली बार बहुमत की सरकार बनाने का मौका मिला। बसपा सरकार की नाकामियों के अलावा समाजवादी पार्टी में नए चेहरे के तौर पर अखिलेश यादव को सामने लेकर आने का चुनावी लाभ भी मिला था। सपा के यादव-मुस्लिम समीकरण की मजबूती के साथ पिछड़ों और सवर्ण वर्ग का भी झुकाव होने से वोट प्रतिशत वर्ष 2007 की तुलना में भले ही 3.72 फीसद बढ़ा हो लेकिन सीटों का आंकड़ा 97 से बढ़कर 224 को छू गया।