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बसपा नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख मो.शमी
बसपा नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख मो.शमी

इलाहाबाद में मऊआइमा के बसपा नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख मो.शमी की हत्या ,भाजपा नेता के खिलाफ केस दर्ज

मऊआइमा कस्बे में मोहम्मद समी देर रात अपने कार्यालय में बैठे थे। मऊआइमा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख समी (60) पुत्र कल्लन की बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी।

संगमनगरी इलाहाबाद के मऊआइमा में कल देर रात बहुजन समाज पार्टी के नेता पूर्व ब्लाक प्रमुख की हत्या कर दी गई। वह अपने कार्यालय में बैठ थे, इसी बीच बाइक सवार बदमाशों ने मोहम्मद समी (60 वर्ष) पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हत्याकांड में तीन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कराई गई है।

पूर्व ब्लाक प्रमुख मोहम्मद शमी की रविवार रात मऊआइमा के सुल्तानपुर खास स्थित उनके निवास के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपनी गाड़ी से उतरकर गेट के पास खड़े थे तभी अंधेरे में बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसाईं और फरार हो गए। खबर फैलते ही उनके समर्थक वहां जमा हो गए। वे अड़ गए कि डीएम-एसएसपी मौके पर आकर गिरफ्तारी तथा सुरक्षा का भरोसा दें तब शव उठाने दिया जाएगा। अफसरों से भीड़ ने भी झड़प भी कर ली। देर रात तक पुलिस और क्राइम ब्रांच कातिलों की तलाश में जुटी रही।

मूल रूप से दुबाही गांव निवासी 65 वर्षीय मोहम्मद शमी चार बार मऊआइमा के ब्लाक प्रमुख रहे। तीन बार वह विधानसभा चुनाव भी लड़े। 2002 में वह कुंडा विधानसभा क्षेत्र से राजा भैया के खिलाफ भी चुनाव मैदान में उतरे थे।

उन्होंने मऊआइमा थाने से कुछ दूर पर सुल्तानपुर खास गांव में कार्यालय और मकान बना रखा था। ज्यादातर वह इसी मकान में ठहरते थे। रविवार रात करीब नौ बजे वह ढाबा में भोजन के बाद फॉरच्यूनर गाड़ी खुद चलाकर घर पहुंचे। उनके साथ सुल्तानपुर खास के प्रधान अब्दुल वाहिद उर्फ बचऊ समेत तीन लोग थे। शमी ने गेट के पास गाड़ी रोकी तो प्रधान समेत तीन लोग उतरे और अपनी बाइक लेकर चले गए। उनके जाने के बाद शमी गाड़ी के पास अकेले खड़े थे तभी अचानक बदमाशों ने उन पर करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

उनका परिचित मुश्ताक गोलियों की आवाज सुनकर आया तो उसे अंधेरे में दो-तीन बदमाश दिखे। उसे देख असलहे लहराते हुए बदमाश पीछे खेत की तरफ भाग गए। हल्ला मचा तो वहां भीड़ जुटने लगी। सीओ सोरांव आलोक मिश्र कई थानों की पुलिस के साथ पहुंच गए थे। सिर, सीने, पेट पर पांच गोलियां धंसने से पूर्व ब्लाक प्रमुख शमी की मौत हो चुकी थी। हत्या की जानकारी पाकर उनके परिजन और तमाम समर्थक भी जुट गए। इलाके में तनाव का माहौल बन गया। एसपी गंगापार मुन्नालाल और एसपी यमुनापार अशोक कुमार भी पुलिस बल के साथ आ गए मगर लोगों ने कह दिया कि डीएम-एसएसपी आकर कातिलों की गिरफ्तारी तथा परिवार का सुरक्षा का भरोसा दें तभी शमी का शव उठाने दिया जाएगा। भीड़ ने अफसरों से धक्कामुक्की भी की।

पुलिस ने तहरीर पर भाजपा नेता के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मऊआईमा थाने से 200 मीटर की दूरी पर हुई इस सनसनीखेज वारदात ने बीजेपी की नई सरकार के सामने कानून-व्यवस्था को दुरूस्त करने की चुनौती भी खड़ी कर दी है। घटनास्थल पर पहुंचे बसपा नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए सूबे की कानून-व्यवस्था पर अभी से सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि इस तरह की घटना समाज के लिए घातक है।