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Fraud in assistant teachers recruitment in Uttar Pradesh

शिक्षक भर्ती : उत्तर प्रदेश के योगी राज परीक्षा न देने वाले भी बन गए अध्यापक, किसी को कॉपी में अधिक तो रिजल्ट में कम नंबर

68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का मामला कोर्ट में पहुंचा तो एक के बाद एक धांधली की परतें खुलती चली गईं। कई छात्रों को स्कैन कॉपी में अधिक, जबकि रिजल्ट में कम नंबर मिले थे। यही नहीं, कई ऐसे अभ्यर्थियों को भी सहायक अध्यापक बना दिया गया जो इस परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए थे।

परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी की तत्कालीन सचिव सुत्ता सिंह से अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी तो उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। इस पर अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। न्यायालय के आदेश पर मिली स्कैन कॉपी देखने के बाद परीक्षा में हुई धांधली की परतें भी खुलने लगीं।

अब तक दो सौ से अधिक ऐसे अभ्यर्थी सामने आए हैं जिन्हें परीक्षा परिणाम में अंक कम मिले, जबकि स्कैन कॉपी में अधिक हैं। इसी प्रकार काफी अभ्यर्थियों को आंसर शीट में गलत उत्तर देने के बाद भी अंक दिए गए। इसके अलावा सांठगांठ से अभ्यर्थियों को चयनित कराने के लिए उत्तर पुस्तिका और रोल नंबर बदलने का भी खुलासा हुआ है।

जांच कमेटी भी चौंक गई

परीक्षा में अनियमितता की जांच के लिए गठित कमेटी के सदस्य डॉ. वेदपति मिश्र और सर्वेन्द्र विक्रम सिंह परीक्षा नियामक प्राधिकारी दफ्तर में दस्तावेज खंगालने पर चौंक गए। कमेटी के अध्यक्ष संजय आर भूसरेड्डी भी अभ्यर्थियों से मिले साक्ष्यों को देखकर नियामक के अधिकारियों और कर्मचारियों की कारगुजारी से हैरान हैं।

हाईकोर्ट ने कहा- तीन दिन में हलफनामा देकर बताएं जांच की प्रगति व कार्रवाई

हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सोमवार को सरकार को तीन दिन मोहलत देते हुए कहा कि सरकारी वकील हलफनामा दाखिल करके अपनी बात रखें। हलफनामे में अब तक सामने आई जांच की प्रगति बताएं और दोषी अधिकारियों और उन पर हुई कार्रवाई की भी जानकारी दें। यह भी बताएं कि अभ्यर्थियों को अंक किस प्रकार दिए गए, उत्तर पुस्तिकाओं की बार-कोडिंग किस प्रकार की गई। अगली सुनवाई 20 सितंबर को रखी गई है। सोनिका देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस इरशाद अली ने कहा कि अब तक की गई सभी भर्तियां कोर्ट के निर्णय के अधीन रहेंगी। कोर्ट ने यह आदेश महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह के मौखिक कथन और जवाबों से असंतुष्ट होने पर दिया।

सोनिका के मामले से सामने आई हेराफेरी

इससे पहले सोनिका देवी ने परीक्षा नियामक प्राधिकरण एलनगंज इलाहाबाद द्वारा प्राथमिक स्कूलों में 68500 सहायक शिक्षकों की भर्ती की परीक्षा को लेकर याचिका दायर की थी। उनका दावा था उन्हाेंने एससी वर्ग में आवेदन किया था, इस वर्ग में पास होने के लिए जरूरी 60 अंकों के मुकाबले वे उत्तर कुंजी के मुताबिक 66 अंक पा रही थीं। फिर भी उनका चयन नहीं हुआ है। उन्हाेंने अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच की प्रार्थना की थी।

31 अगस्त को कोर्ट के समक्ष विशेषज्ञों की जांच में सामने आया कि उत्तर पुस्तिका पर दर्ज बार-कोड का मिलान नहीं हो रहा है। प्राधिकरण के सचिव द्वारा दी गई इस उत्तर पुस्तिका के पहले पृष्ठ और भीतर पृष्ठों के बार बार-कोड अलग अलग हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और प्रदेश सरकार को अपना पक्ष रखते हुए मामले के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए कहा था। साथ ही सोनिका देवी को अस्थायी रूप से काउंसलिंग में शामिल करने के आदेश दिए थे।

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