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समाजवादी पार्टी
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समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर लोकसभा उप चुनाव के लिए इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी बनाया है।

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में लगी समाजवादी पार्टी ने आज गोरखपुर लोकसभा उप चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। लखनऊ में आज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के प्रत्याशी के रूप में प्रवीण कुमार निषाद के नाम पर मुहर लगा दी है।

इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद गोरखपुर से सपा प्रत्याशी घोषित.

गोरखपुर उपचुनाव उपचुनाव में सभी पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई है। यही कारण है कि उपचुनाव की घोषणा होने के बाद भी अब तक कांग्रेस के अलावा किसी बड़े दल अपना प्रत्याशी नहीं घोषित किया है। आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सपा कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान अखिलेश यादव ने फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सपा प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है।

गोरखपुर उपचुनाव: सपा ने प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी किया घोषित

प्रवीण कुमार निषाद समाजवादी पार्टी को समर्थन देने की घोषणा करने वाली निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के पुत्र हैं। सोमवार को नामांकन पत्र खरीदने के साथ इनका पर्चा दाखिल किया जाएगा। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि गोरखपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी घोषित किया है। गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में निषाद बिरादरी के करीब साढ़े लाख मतदाता है। अखिलेश यादव की नजर इन्ही वोट पर है। इसके साथ ही पीस पार्टी का साथ मिलने पर मुस्लिम मतदाता भी इनको अपने साथ आने की उम्मीद है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस में पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अयूब के साथ ही निषाद पार्टी अध्यक्ष डा.संजय निषाद भी मौजूद थे। इस दौरान दोनों ही नेताओं ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुने गये प्रत्याशी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस के बाद सपा ने अब जाकर अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया है।

प्रवीण कुमार निषाद समाजवादी पार्टी के निशान पर उप चुनाव लड़ेंगे।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस में पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अयूब के साथ ही निषाद पार्टी अध्यक्ष डा.संजय निषाद भी थे। इस दौरान दोनों ही नेताओं ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुने गये प्रत्याशी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस के बाद सपा ने अब जाकर अपने प्रत्याशियों का ऐलान किया है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉफ्रेंस में बताया कि गोरखपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव पर अखिलेश यादव ने इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद को उप चुनाव का प्रत्याशी घोषित किया है। ये सपा के निशान पर उप चुनाव लड़ेंगे। आपको बता दें कि प्रवीण निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निशाद के बेटे है।

निषाद दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने बताया कि गोरखपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में सामाजित हितों को ध्यान में रखकर हमने गठबंधन किया है और हम इसमें छोटे भाई की भूमिका में रहेंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक निषाद समाज बीजेपी के साथ रहता था जिसका फायदा उसे चुनावों में मिलता रहा था। अब बीजेपी से हमारा समाज अलग हो चुका है। ऐसे में हमारा पूरा समर्थन सपा और अखिलेश यादव के लिए है। 2019 में गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारा साथ चलने का सिलसिला शुरू हो चुका है जो 2022 तक चलेगा। ऐसे में अब कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर लोकसभा उप चुनाव के लिए प्रवीण कुमार निषाद को प्रत्याशी बनाया है। इंजीनियर प्रवीण कुमार निषाद के समाजवादी पार्टी का प्रत्याशी घोषित होने के बाद से अब यहां पर विपक्षी एकता की बात समाप्त हो गई है। यहां से कांग्रेस ने शुक्रवार को अपना प्रत्याशी घोषित किया था।

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कर्मभूमि गोरखपुर से महिला चिकित्सक को मैदान में उतारा है। प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस से डा. सुरहिता करीम पर दांव खेला है। डॉ. सुरहिता करीम इससे पहले गोरखपुर में 2012 में मेयर का चुनाव लड़ी थीं। यहां के साथ ही इलाहाबाद की फूलपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में 11 मार्च को वोट डाले जाएंगे। इसके रिजल्ट 14 मार्च को आएंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से खाली हुई इस सीट पर अब भारतीय जनता पार्टी के साथ ही बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के नाम का इंतजार है। लखनऊ में आज अखिलेश यादव के साथ मीडिया के सामने मौजूद पीस पार्टी के अध्यक्ष डॉ. अयूब खान ने इस चुनाव में समाजवादी पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की। इसके साथ ही चुनाव में समाजवादी पार्टी का पीस पार्टी और निषाद पार्टी से गठबंधन हो गया है।

समाजवादी पार्टी का संकेत गोरखपुर व फूलपुर लोकसभा उपचुनाव अकेले लड़ेगी

उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों की एकता तथा महाएकता धरातल पर नहीं दिख रही है। प्रदेश में 11 मार्च को होने वाले गोरखपुर तथा इलाहाबाद के फूलपुर लोकसभा के उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को तगड़ी चुनौती देने वाली विपक्षी एकता बिखर गई है।

प्रदेश में गोरखपुर के साथ ही फूलपुर के लोकसभा उप चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी बेहद सक्रिय है। प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने साफ कहा है कि भले ही हमारी कांग्रेस से दोस्ती है, लेकिन दोनों चुनाव समाजवादी पार्टी अकेले ही लड़ेगी। उधर इलाहाबाद में भी आज समाजवादी पार्टी के आधा दर्जन बड़े नेताओं ने फूलपुर लोकसभा के उप चुनाव को लेकर बैठक की। इसमें प्रत्याशी के नाम पर भी चर्चा की गई। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा है कि समाजवादी पार्टी इस बार लोकसभा उपचुनाव में बगैर किसी गठबंधन के लड़ेगी। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि योगी के गढ़ में समाजवादी पार्टी भारी जीत के साथ यहां चुनाव जीतेगी। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस से उनकी दोस्ती बरकरार रहेगी, लेकिन गोरखपुर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में साइकिल चुनाव लड़ेगी।

लोकसभा उपचुनाव की तारीख का ऐलान होते ही समाजवादी पार्टी ने कमर कस ली है। गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव को लेकर सपा ने अपनी रणनीति का खुलासा किया है। गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के दिग्ग्जों नेताओं ने लोकसभा उपचुनाव को लेकर अपनी रणनीति साझा की है। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा है उपचुनाव में पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।

प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुये राम गोविंद ने कहा है कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार तो हमारी सरकार के समय के कामों को अपना गिनाकर पीठ थपाथपा रही है। यह ऐसी सरकार है जो सपा सरकार की उपलब्धियों पर अपना नाम भुना रही है। राम गोविंद ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार नौजवानों, किसानों और व्यापारियों समेत सभी वर्गो को ठग रही है। ऐसे में जनता उपचुनाव में सपा के कार्यकाल में हुये विकास कार्यो को ध्यान में रखते हुये भाजपा को करारी शिकस्त देगी। साथ ही योगी पर निशाना साधते हुये राम गोविंद ने कहा है कि प्रदेश सीएम योगी के झूठ बोलने से मठ की प्रतिष्ठा गिर रही है। राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण के दौरान सपाईयों के कागज के गोले फेंकने पर राम गोविंद ने सफाई दी। नेता विपक्षी दल रामगोविंद चौधरी ने विधानसभा में राज्यपाल पर फेंके गए कागज के गोलों पर सफाई देते हुए कहा कि वह कागज के गोले नहीं प्रदेश की पीडि़त आम जनता की दिक्कतें और समस्याएं थी। सरकार ने जब उनको सुनने और देखने से मना कर दिया तो गरीबों की समस्याओं को पहुंचाने का दूसरा कोई रास्ता नहीं था। वैसे भी राज्यपाल का अभिभाषण सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं होता है।

मांस कारोबार पर हमलावर होते हुए रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा मीट व्यवसाय योगी की पार्टी का ही है। अगर इसे बंद ही कराना है तो मांस का निर्यात बंद किया जाए न की गरीबों की आजीविका का साधन माने जाने वाले छोटे-छोटे कसाई बाड़े। उन्होंने कहा कि योगी सरकार को बीफ पर अपनी नीति स्पष्ट करनी होगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी राज्यों में जहां भाजपा की सरकार है वहां बीफ बिकेगा भी और खाया भी जाएगा, लेकिन उत्तर प्रदेश में बीफ नहीं बिकेगा, यह कैसी नीति है । रामगोविंद चौधरी ने कहा मैंने सदन में गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत आदित्यनाथ से कहा कि अब आप न तो नेता रह गए हैं न हीं महंत। भगवा पहन कर झूठ नहीं बोला जाता, जबकि आप और आपकी पार्टी लगातार झूठ बोल रही है। गोरखपुर होने वाले उपचुनाव में पार्टी अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी और कार्यकर्ताओं की बदौलत चुनाव को भारी बहुमत से जीतेगी।

फूलपुर से शुरू होगी सरकार की उलटी गिनती : हसन

इलाहाबाद में फूलपुर लोकसभा उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यालय में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन, पूर्व मंत्री बलराम यादव और पार्टी के महासचिव इंद्रजीत सरोज के साथ अन्य दिग्गजों ने भी बैठक की। इस दौरान पदाधिकारियों के साथ प्रत्याशी चयन पर भी चर्चा हुई।

विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष तथा सपा के वरिष्ठ नेता अहमद हसन ने कहा कि फूलपुर लोकसभा क्षेत्र के उप चुनाव में जनता भाजपा को हराने का मन बना चुकी है। इसी पराजय से ही केंद्र और प्रदेश सरकार की उलटी गिनती भी शुरू हो जाएगी।

उप चुनाव को लेकर पार्टी के जिला कार्यालय में सेक्टर, पांच विधानसभा क्षेत्रों, जिले और महानगर इकाई के साथ ही विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक के बाद शाम को प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि भाजपा ने जनता के साथ विश्वासघात किया। अपने वादों पर खरी नहीं उतरी। प्रत्याशी की घोषणा के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता ही प्रत्याशी है।

हाईकमान जिस नाम की घोषणा करेंगे, पूरी पार्टी उसे जिताने के लिए जुट जाएगी। पार्टी राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री बलराम सिंह यादव ने कहा कि फूलपुर की धरती से ही परिवर्तन की शुरुआत होगी। 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में झूठे वादों से छली गई जनता को समझ में आ गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासविच इंद्रजीत सरोज ने कहा कि पार्टी फूलपुर सीट जीतने के लिए चुनाव लड़ेगी। उन्होंने खुद के प्रत्याशी होने से इन्कार किया।