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BJP को वोट देने वाली मध्यप्रदेश के EVM का इस्तेमाल हुआ था यूपी चुनाव में
BJP को वोट देने वाली मध्यप्रदेश के EVM का इस्तेमाल हुआ था यूपी चुनाव में

BJP को वोट देने वाली मध्यप्रदेश के EVM का इस्तेमाल हुआ था यूपी चुनाव में

विधानसभा चुनाव के नतीज़ों के बाद EVM से छेड़छाड़ के मामले में भाजपा की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर मध्यप्रदेश के भिंड से आये एक वीडियो ने सरकार और चुनाव आयोग के नाक में दम कर के रखा है। विडियो में दिखाया गया की चुनाव अधिकारी द्वारा कांग्रेस का बटन दबाने के बाद भी VVPAT ( वोट डालने के बाद पर्ची निकालने वाली मशीन) से कमल का चिन्ह बाहर निकला। यह विडियो विपक्षी दलों के दावों को मजबूत करने वाला था।

जांच दल ने भिंड पहुंचकर काफी मशीनो की जांच की, जिसके बाद ये स्पष्ट हुआ कि यही EVM उप चुनाव के लिए इस्तेमाल हुई थी। गौरतलब है कि करीब 300 मशीनो को कानपुर से मध्य प्रदेश भेजा गया है। यह मशीन उनमे से ही एक है। इस मशीन का इस्तेमाल गोविन्दनगर विधानसभा में हुआ था। जहाँ से बीजेपी के सत्यदेव पचौरी भारी मतों से विजयी रहे। अब ये देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन खुलासों और जांच के बाद सरकार और आयोग क्या कदम उठाती है।

दोपहर में अपने बयान पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह के सफाई देने के बाद शाम होते होते मामला काफी गर्मा गया है। एक तरफ जहां दिल्ली में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद विवेक तन्खा और मोहन प्रकाश ने इलेक्शन कमीशन से 19 लोगों के खिलाफ शिकायत की है, वहीं चुनाव आयोग के निर्देश पर भिंड कलेक्टर टी. इलैया राजा, एसपी अनिल सिंह समेत 19 अधिकारियों को हटा दिया गया है।

भिण्ड के अटेर में होने वाले विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों का जाएजा लेकर भोपाल वापस लौटीं मुख्यम निर्वाचन अधिकारी सलीना सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित किया। एक ओर जहां सलीना सिंह चुनाव की तैयारियों और अपने धमकी वाले बयान पर सफाई देती हुई नजर आईं वहीं उनके विरोध में विपक्ष की ओर से तीखे बयान सामने आ रहे हैं।

अटेर विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने एमपी की चीफ इलेक्शन पदाधिकारी सिंह शुक्रवार को भिंड पहुंची थीं। इस दौरान सलीना ने भींड में डेमो के दौरान जब डमी ईवीएम के दो अलग-अलग बटन दबाए, तो वीवीपीएटी से कमल के निशान का प्रिंट निकला।

मशीनों की जांच के दौरान पहले ईवीएम पर चौथे नंबर का बटन दबाया गया। वीवीपीएटी से निकली पर्ची पर सत्यदेव पचौरी का नाम और कमल का फूल छपा था। फिर से कोई दूसरा बटन दबाया गया। इस पर भी कमल का फूल छपा था। हालांकि, तीसरी बार जब एक नंबर का बटन दबाया तो पंजा निकला। इसी बीच, जब मीडियाकर्मियों ने सलीन से सवाल पूछे और तो उन्होंने हल्के अंदाज में कहा था कि खबर छापी तो थाने भिजवा दूंगी।