Medicine

Patient’s death due to hospitals negligence and lack of vaccinated oxygen cylinder

उत्तर प्रदेश के योगी राज में लापरवाही की हदें पार, खाली ऑक्सीजन सिलिंडर ने छीन ली मरीज की सांसें

यूपी के कन्नौज में दिलू नगला स्थित सौ शैय्या अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां भर्ती सांस के रोगी को खाली अॅाक्सीजन सिलिंडर लगा दिया गया। इससे उसकी जान चली गई। इस पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा काटा। आरोपी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। इसके बाद वह शव लेकर घर चले गए।

विशुनगढ़ थानाक्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी प्रेमसागर दुबे (85) पुत्र श्रीराम दुबे की गुरुवार की दोपहर घर पर हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें दिलू नगला गांव स्थित सौ शैय्या अस्पताल ले गए। सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सकों ने उन्हें ऑक्सीजन लगाई। कुछ ही देर में सिलिंडर खत्म हो गया।

मृतक के बेटे और होमगार्ड सुनीत दुबे व भतीजी मनू त्रिपाठी के मुताबिक मरीज को तड़पता देख उन लोगों ने वार्ड ब्वॅाय को बुलाया। काफी कहने पर करीब 20 मिनट बाद स्वास्थ्यकर्मी दूसरा सिलिंडर लाए। लगाने पर पता चला कि वह भी खाली है। अॅाक्सीजन न मिलने से करीब 30 मिनट तक तड़पने के बाद उनकी मौत हो गई।

उपचार में बरती गई लापरवाही से परिजनों में रोष फैल गया। काफी देर तक परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुत्र सुनीत दुबे का आरोप है कि जिस समय पिता को इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, उस समय कोई चिकित्सक नहीं था। काफी देर बाद आए डॉक्टर ने उपचार शुरू किया। कुछ देर बाद ऑक्सीजन का सिलिंडर खाली हो गया। इससे पिता की मौत हो गई।

मौके पर पहुंची छिबरामऊ पुलिस और अन्य लोगों के समझाने पर परिजन शांत हुए। यह शव को लेकर गांव चले गए। परिजनों ने अभी लिखित शिकायत नहीं की है। डा. अजय कुमार ने बताया कि प्रेमसागर दुबे की हालत खराब होने पर उन्हें बुधवार को ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय घर लेकर चले गए।

परिजन यदि लिखित शिकायत करते हैं तो जांच कराई जाएगी

गुरुवार को उनकी हालत बिगड़ी, तब फिर यहां लेकर आए। मरीज का हीमोग्लोबिन काफी कम था। फेफड़े काम नहीं कर रहे थे। परिजन उन्हें बेहोशी की हालत में लेकर आए थे। अस्पताल में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। आरोप निराधार हैं। सीएमएस डा. कुलदीप यादव ने बताया कि मरीज की मौत अॅाक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। परिजन यदि लिखित शिकायत करते हैं तो जांच कराई जाएगी।

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