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Power cut in Faridabad in posh society charmwood village

हरियाणा के फरीदाबाद की पॉश सोसायटी की काटी बिजली

बिना सूचना बिल्डर की ओर से चार्मवुड विलेज की पॉश सोसायटी रॉयल रिट्रीट रेजिडेंस की बिजली काट दी गई। इससे करीब दस घंटे तक तीन टॉवर में रहने वाले करीब साढ़े चार सौ परिवारों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। चार दिनों से चले आ रहे इस विवाद के बीच शुक्रवार को भी सोसायटी की बिजली काट दी गई। इसे लेकर सोसायटी में हंगामा हो गया। बिल्डर के स्टाफ और स्थानीय निवासियों मे भिड़ंत हो गई, जिसमें स्थानीय लोगों को चोट भी आई हैं। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद मामला शांत हुआ। उधर, आरडब्ल्यूए ने सूरजकुंड थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि बिल्डर के स्टाफकर्मियों ने न केवल उनकी बिजली काटकर कानूनी अपराध किया है, अपितु उनके साथ हाथापाई भी की है।

आरडब्ल्यूए ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।मैसर्ज अजय इंटरप्राइजेज की ओर से चार्मवुड विकसित किया गया। जहां रॉयल रिट्रीट रेजिडेंस के नाम से पॉश सोसायटी बसाई गई। आरोप है कि बिल्डर की ओर से मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जाने लगी। इसके चलते एक मई 2017 से इस पॉश सोसायटी को आरडब्ल्यूए के अधीन कर दिया गया।

रॉयल रिट्रील रेजिडेंस एसोसिएशन (आरआरआरए) के एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य रंजन गर्ग ने बताया कि चार्मवुड विलेज बसाने के बाद बिल्डर को बिजली क्षमता में अपग्रेड करना था। फिलहाल यहां 11 केवी का बिजली घर है, जबकि बिजली निगम अधिकारियों के मुताबिक यहां 33 केवी का बिजली घर बनाया जाना है। इसी के मुताबिक ही लाइनों की क्षमता बढ़ाई जानी है। इस समय 11 केवी लाइन गुरुकुल स्थित यूएसए बिजली घर से आ रही है। यहां बने बिजली घर से दो फीडर निकाले गए हैं। जहां से ईरोज गार्डन और चार्मवुड विलेज की बिजली आपूर्ति कंट्रोल की जाती है। डीजी सैट लाने पर जताई नाराजगी तो काटी बिजलीआरडब्ल्यूए कमेटी के सदस्य रंजन गर्ग ने बताया कि उनकी सोसायटी में बिल्डर के करीब चार-पांच फ्लैट बिक नहीं सके हैं। जिन्हें बेचने के लिए बिल्डर की ओर से मरम्मत कराने का काम किया जाना था। चूंकि बिजली निगम की ओर से बिजली कनेक्शन देने पर पाबंदी लगाई हुई है। इसके चलते बिल्डर की ओर से 120 केवीए का बड़ा जेनरेटर सैट सोसायटी में लाकर खड़ा कर दिया गया। इससे होने वाले प्रदूषण को देखते हुए आरडब्ल्यूए ने इसके शुरू करने पर आपत्ति जता दी। इसी रंजिश के चलते बिल्डर ने अपने यहां बने बिजली घर से इस सोसायटी की 19 सितंबर की सुबह बिजली काट दी। कहासुनी होने के बाद उस दिन शाम साढ़े छह बजे बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई।

आरडब्ल्यूए ने बिजली निगम के खिलाफ भी नाराजगी जताई कि वह बिजली निगम के उपभोक्ता हैं। उनके यहां मीटर लगे हुए हैं। जिनका वह नियमित बिल जमा करते आ रहे हैं इसलिए उनकी बिजली काटना कानूनी अपराध है। निगम अधिकारियों ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बिल्डर की ओर से व्यवस्था संभालने के लिए तैनात अधिकारियों से संपर्क साधा और बिजली शाम चार बजे बिजली आपूर्ति शुरू की गई।उधर, इसी बीच बिल्डर की ओर से करीब 100-150 लोग सोसायटी पहुंचे और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी और सदस्यों के साथ हाथापाई की। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह और सचिव राधिका आनंद की ओर से इस संबंध में लिखित शिकायत देकर बिल्डर की ओर से रखे गए स्टाफकर्मियों के खिलाफ शिकायत देकर न्याय की मांग की है।बिजली निगम ने कनेक्शन देने पर लगाई है रोकबिल्डर की ओर से जब तक 33 केवी बिजली घर की व्यवस्था नहीं कर ली जाती, तब तक बिजली का कोई भी कनेक्शन यहां नहीं दिया जा सकता। निगम के अधिकारी कुलदीप ने बताया कि चार्मवुड और ईरोजगार्डन दोनों में बिजली कनेक्शन देने व लोड बढ़ाए जाने पर पाबंदी लगाई हुई है। जब भी बिल्डर की ओर से बिजली घर की क्षमता बढ़ा दी जाएगी, तभी से नए कनेक्शन देने शुरू कर दिए जाएंगे। बिजली निगम के कनिष्ठ अभियंता का कहना है कि शाम चार बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। उधर, बिल्डर के स्टाफ मेंबर सेनापति से उनका पक्ष लेने के लिए उनका मोबाइल मिला गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।

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