कृषि

Preparation of agriculture kumbh at the Indian Sugarcane Research Institute

बिना मिट्टी उपजेंगे पौधे तो पॉली हाउस में उगेगा पान

मिट्टी के बगैर भी हर तरह की फसलों का उत्पादन हो सकता है। पान की खेती के लिए ऊंची जमीन की जरूरत नहीं होगी, पॉली हाउस में ही गुणवत्तायुक्त पान की खेती हो सकेगी। यह सुनकर आप हैरान तो नहीं हो गए, लेकिन यह सच है। राजधानी के भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में अगले महीने होने वाले तीन दिवसीय कृषि कुंभ में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ऐसे ही स्टॉलों के माध्यम से भविष्य की खेती का प्रदर्शन कर किसानों को जागरूक करेगा।

रायबरेली रोड स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान परिसर में 26 से 28 अक्टूबर के बीच होने वाले कृषि कुंभ में 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में उद्यान विभाग के विकास का प्रदर्शन किया जाएगा। विकास के साथ ही कम होती कृषि योग्य भूमि से निपटने के लिए किसान अब पानी में हर तरह की खेती कर सकेंगे। जबकि अभी तक सजावटी पौधे ही पानी में उगाए जाते हैं।

कृषि कुंभ में मिलेगी जानकारी

इस नई तकनीक का इस्तेमाल किसान कैसे करें? इसकी लागत कितनी आती है? कौन सी फसल पानी में पैदा की जा सकती है? जैसे सवालों के जवाब कृषि कुंभ में उद्यान विशेषज्ञ देंगे। पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए पॉली हाउस में पान की बेल लगाई जा सकेगी। इससे महोबा व बनारस का पान हर जगह पैदा किया जा सकेगा। ऐसी ही कई प्रकार की खेती का प्रदर्शन कृषि कुंभ में होगा। राजकीय उद्यान आलमबाग के अधीक्षक महेश कुमार श्रीवास्तव को शाक-भाजी, मधुमक्खी पालन व ड्रिप सिंचाई की जानकारी देने की जिम्मेदारी दी गई है।

गमले के पेड़ पर आम

फसल ही नहीं कम क्षेत्र में बागवानी की जानकारी भी किसानों को दी जाएगी। मुख्य उद्यान विशेषज्ञ अलीगंज और मलिहाबाद को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। गमले में 200 आम, 400 अमरूद और 400 केले के पेड़ बागवानों को आकर्षित करेंगे। कृषि कुंभ के नोडल अधिकारी व संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ. एके सिंह के मुताबिक उद्यान विभाग और भविष्य की योजनाओं का प्रदर्शन कृषि कुंभ में किया जाएगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। उद्यान निदेशक आरपी सिंह भी तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।

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