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मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव

मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना हेतु धनराशि अवमुक्त कराने का अनुरोध किया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ के तहत राज्य के 74 जनपदों के लिए प्रदेश की विद्युत वितरण कम्पनियों को देय अवशेष धनराशि तत्काल अवमुक्त कराने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री को आज एक पत्र लिखा है।

अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने यह उल्लेख किया कि प्रदेश के 75 जनपदों में क्रियान्वयन के लिए विद्युत वितरण कम्पनियों हेतु 6946.91 करोड़ रुपये की ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ अनुमोदित की गयी है। इस योजना के तहत वितरण कम्पनियों, राज्य सरकार तथा रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन (आर0ई0सी0) के बीच त्रिपक्षीय समझौते हस्ताक्षरित किये गये तथा वितरण कम्पनियों द्वारा ज्यादातर कार्याें के लिए लेटर्स आॅफ अवाॅर्ड जारी कर दिये गये।

तद्क्रम में वितरण कम्पनियों द्वारा 415.34 करोड़ रुपये की प्रथम किश्त तथा 836.41 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त जारी किये जाने का दावा क्षेत्रीय प्रबन्धक आर0ई0सी0 लखनऊ के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। इसमें से मात्र जनपद वाराणसी के लिए 18.74 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की गयी है। प्रदेश के शेष 74 जिलों के लिए धनराशि जारी न होने के कारण काम रुका हुआ है।

श्री यादव ने यह भी लिखा है कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय के 3 दिसम्बर, 2014 के कार्यालय ज्ञाप के अनुसार ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ के लिए माॅनीटरिंग कमेटी द्वारा प्रोजेक्ट्स का अनुमोदन किये जाने पर ग्राण्ट के 10 प्रतिशत का पहला वित्तीय अंश अवमुक्त किये जाने की व्यवस्था है। इसी प्रकार वितरण कम्पनियों, राज्य सरकार तथा नोडल एजेन्सी के बीच त्रिपक्षीय समझौता हस्ताक्षरित हो जाने पर लेटर आॅफ अवाॅर्ड जारी हो जाने की स्थिति में ग्राण्ट के 20 प्रतिशत का दूसरा वित्तीय अंश अवमुक्त किये जाने की व्यवस्था है।

राज्य की वितरण कम्पनियों द्वारा योजना के इन प्राविधानों का पालन किये जाने के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अवशेष जनपदों के लिए पहले और दूसरे वित्तीय अंश को जारी करने के लिए सम्बन्धित को निर्देशित करने का अनुरोध किया है ताकि योजना के तहत कार्याें को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जा सके।