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अखिलेश यादव
अखिलेश यादव

अखिलेश की कुंडली में हैं ऐसे योग कि यूपी में बीजेपी-बीएसपी का बढ़ सकता है वनवास

उत्तर प्रदेश की जनता ये जानना चाहती है की अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

जानिए अखिलेश के जन्म से लेकर पहली बार सीएम बनने तक के सफर में किन-किन नक्षत्रों ने अब तक सीएम अखिलेश का साथ दिया है

बुध की महादशा अजेय की वजह वाराणसी के ज्योतिषी, पंडित दीपक मालवीय ने OneIndia को बताया की उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई सन् 1973 को प्रातः 8 बजे मुलायम सिंह यादव और मालती यादव के घर इटावा के सैफई में हुआ। इनके नवमांश कुंडली के मुताबिक कर्क और मकर लग्न के चलते अखिलेश का स्वभाव भावुक, संवेदनशील और कल्पना से प्रिय अनुमानित किया जाता है। अपनी पढ़ाई पूरी कर अखिलेश जल्द ही अपने पिता के साथ हो गए और राजनीति में कदम रख दिया। कुंडली के पंचमेश में मंगल और सप्तमेश की दृष्टि के कारण अखिलेश ने डिंपल के साथ प्रेम विवाह किया और इस विवाह ने इनके लिए उन्नति के सारे रास्ते खोल दिए। जिससे इन्हें अनुकूल परिस्थिति मिलती गई और ये जीवन की तमाम ऊचाइयों पर पहुंच गए।

ग्रहों की इस स्थिति से बना रहता है विश्वासघात का डर इन्हीं ग्रहों के चलते अखिलेश पर हमेशा विश्वासघात का डर भी बना रहता है। जो अपने लोगों से ही मिलती है। अपने विचारों और गुणों के कारण ये सभी परिस्थिति में सबको पीछे छोड़ आगे आ जाते हैं। जिसकी सबसे बड़ी वजह है की इनके कुंडली में बुध की महादशा। यह महादशा अखिलेश की कुंडली में 2020 तक चलेगी। इसके साथ ही सौम्य लग्न में बुध और शुक्र लगातार बैठा हुआ है। जो इनके हंसमुख और शालीनता हो दर्शाता है। इनके दशमेश में मंगल का त्रिकोण भाव स्थिर है। जिसने अखिलेश को पहले ही मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान कराया।

पंडित ऋषि द्विवेदी के अनुसार अखिलेश यादव की कुंडली में वर्तमान में 25 मार्च 2000 से जीवन की सर्वोच्च दशा बुध की महादशा चल रही है, जो 25 मार्च 2017 तक बनी रहेगी। बुध की महादशा सीएम की लाइफ प्रोफाइल में चार चांद लगायेगी। इसके गोचर में शनि की अन्तरदशा 2014 से 25 मार्च 2017 तक बनी रहेगी। वही गोचर में 2016 में ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, वह भी शुभता की ओर संकेत कर रही है। सब मिला कर देखा जाये तो जनता के केन्द्र का स्वामी पंचम भाव पद पर प्रतिष्ठा के भाग्य मेें बैठा है तो जनतंत्र का कारक ग्रह शनि दशम में पंचमेश होकर बैठे हैं। इसके साथ ही जनता के केन्द्र में बैठा राहु राजनीति का कारक ग्रह है। यही ग्रह योग मुख्यमंत्री के लिए उपलब्धि व सफलता लेकर आयेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए नया साल बेहतरीन रहेगा।

ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि द्विवेदी के अनुसार अखिलेश यादव के ग्रह इस समय प्रबल हैं। यह सत्ता में वापसी के संकेत दे रहे हैं।

Now the big question on everyone’s mind is who is going to form the next government and who will be the next chief minister of Uttar Pradesh. The Samajwadi Party, currently the ruling party in the state, and main opposition Bahujan Samaj Party are the two key contenders in Uttar Pradesh. The people of Uttar Pradesh have voted alternately for the SP and BSP in the last couple of decades.

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