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Debt ridden farmer commits suicide in Uttar Pradesh

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उत्तर प्रदेश के योगी राज में कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, किसान नेता के घर में मचा कोहराम

यूपी के हमीरपुर जिले में कर्ज में डूबे भाकियू के नेता ने गुरुवार की देर रात अपने नलकूप में जाकर पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान नेता के ऊपर करीब सात लाख का सरकारी एवं गैर सरकारी कर्ज था। इससे वह परेशान रहता था। पुलिस ने रात ही में शव को मोर्चरी हाउस भिजवा दिया था। शुक्रवार को शव के पोस्टमार्टम के बाद गांव में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

भरुआसुमेरपु थानाक्षेत्र के बिदोखर मेंदनी निवासी डब्लू सिंह भारतीय किसान यूनियन संगठन में तहसील उपाध्यक्ष पद पर अर्से से काम करता चला आ रहा था। गुरुवार को रात करीब आठ बजे उसने गांव से दूर अपने नलकूप में जाकर पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक किसान नेता के पास करीब 15 बीघे जमीन है। मृतक के बड़े पुत्र राजकुमार सिंह ने बताया कि करीब दो लाख रुपये बिजली बिल बकाया था, दो लाख रुपये इलाबाहाद बैंक इंगोहटा से केसीसी बनवा रखा था। दो लाख रुपये में जमीन गिरवी रखी थी। करीब एक लाख रुपये नाते रिश्तेदारों एवं साहूकारों का था। इन्हीं कर्ज को चुकाने को लेकर वह हमेशा परेशान रहते थे।

जमीन बेचकर कर्ज चुकाना चाहता था किसान

अतिवृष्टि के कारण तिल की फसल बर्बाद हो जाने से वह और ज्यादा परेशान रहने लगे। इसी के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। अचानक घटी इस घटना से किसान नेता के घर में कोहराम मचा हुआ है। मृतक की पत्नी सावित्री सिंह तथा पुत्र राजकुमार, पिंटू सिंह का रो रोकर बुराहाल है। पुलिस ने रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया और पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को शव का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में एसडीएम सदर वीर बहादुर यादव का कहना है कि किसान के फांसी लगाने की सूचना मिली है। लेखपाल को गांव भेजकर जानकारी कराई जा रही है। इसी के बाद उसे मदद की कार्रवाई हो सकेगी।

जमीन बेचकर कर्ज चुकाना चाहता था किसान

किसान नेता जमीन बेचकर कर्ज को चुकाना चाहता था। लेकिन उसकी पत्नी तथा बच्चे जमीन बेचने के खिलाफ थे। इससे भी किसान नेता काफी परेशान था। आत्महत्या करने का एक कारण यह भी माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मृतक किसान कर्ज चुकाने के लिए कुछ जमीन बेचना चाहता था। उसने गांव के कुछ लोगों से इसके लिए बात भी की थी। इसकी भनक उसकी पत्नी सावित्री तथा पुत्रों को लग गई। जिस उन्होंने इसका विरोध किया। परिजनों के इस विरोध से वह कई दिनों से परिवार से खिन्न था। घर में आए दिन इस बात को लेकर वाद विवाद भी होता रहता था। गुरुवार को भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद वह घर से नलकूप जाने की बात कहकर निकल गया और नलकूप में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। कर्जदारों के तगादो से वह बुरी तरह परेशान हो गया था।

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