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मेट्रो रेल
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DMRC बोर्ड का हस्तक्षेप से इनकार, बढ़ा मेट्रो का किराया, केजरीवाल बोले- केंद्र ने दिखाया हठी रुख

दिल्ली सरकार की बीते दस दिनों से किराया बढ़ोतरी रोकने की हर कोशिश नाकाम हो गई। सोमवार को दिल्ली सरकार की मांग पर अंतिम समय में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन बोर्ड सदस्यों की आपात बैठक बुलाई गई। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में किराया बढ़ोतरी पर ही सहमति बनी।

अब मेट्रो का किराया अपने तय समय पर 10 अक्तूबर यानी मंगलवार को लागू हो जाएगा। अब अधिकतम किराया 50 रुपये से बढ़कर 60 रुपये हो जाएगा। सिर्फ 0 से 2 किलोमीटर की श्रेणी को छोड़कर सभी वर्गों में यात्रा करने वालों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी।

दिल्ली सरकार की लगातार बोर्ड बैठक बुलाने की मांग पर बोर्ड के चेयरमैन व केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने सोमवार रात 8 बजे आपात बैठक बुलाई। बैठक में दिल्ली सरकार के सभी नामित सदस्यों ने सरकार का पक्ष रखा, लेकिन बोर्ड ने डीएमआरसी एक्ट की धारा 37 का हवाला देकर किराया बढ़ोतरी को लागू करने की मंजूरी दे दी।

राष्ट्रीय अवकाश व रविवार को पहले की ही तरह छूट मिलेगी

बोर्ड ने कहा कि धारा 37 के मुताबिक बोर्ड किराया निर्धारण समिति (एफएफसी) की सिफारिशों को मानने के लिए बाध्य हैं। बोर्ड की बैठक के बाद अब यह मंगलवार को किराया बढ़ जाएगा। 2 से 5 किलोमीटर की दूरी वालों को सिर्फ मौजूदा किराये से 5 रुपये अधिक देने होंगे तो बाकी स्लैब में 10-10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

राष्ट्रीय अवकाश व रविवार को पहले की ही तरह छूट मिलेगी। लेकिन यह छूट नए बढ़े हुए किराये के हिसाब से होगी। राष्ट्रीय अवकाश व रविवार वाले दिन सबसे ज्यादा नुकसान 5 से 12 किलोमीटर तक का सफर करने वाले यात्रियों को होगा क्योंकि अभी उन्हें इसके लिए 10 रुपये देने होते हैं लेकिन अब यह 20 रुपये हो जाएगा।