आंगनबाड़ी

PM Narendra Modi announces enhancing of honorarium encouragement amount of Anganwadi workers

खुशखबर: आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सौगात, मानदेय बढ़ाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आंगनवाड़ियों और आशाकर्मियों में काम करने वालियों को बड़ा सौगात दिया है। पीएम मोदी ने आज बताया कि केंद्र सरकार ने देशभर के आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में केंद्र के हिस्से में बढ़ोतरी कर दी है। यही नहीं आशाकर्मियों की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर दुगुना किया जाएगा वहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3000रुपये से बढ़ा कर 4500 रुपये करने का फैसला किया है।

आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से नरेन्द्र मोदी ऐप एवं वीडियो लिंक के माध्यम से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 2250 रुपये था, उन्हें अब 3500 रुपये मिलेगा। आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 1500 रुपये के स्थान पर 2250 रुपये मिलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी कहा, ‘यह बढ़ा हुआ मानदेय अगले महीने यानी एक अक्टूबर से लागू हो जायेगा। अर्थात नवंबर से आपको नया पैसा या तनख्वाह या मानदेय मिलेगा।’ उन्होंने जोर दिया कि यह बढ़ी राशि केंद्र सरकार के हिस्से की है।

मोदी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि को दोगुणा करने के अलावा यह भी फैसला किया गया है कि उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना मुफ्त दी जाएंगी।

उन्होंने कहा कि इसका मतलब हुआ कि दो..दो लाख रुपये की इन दोनों बीमा योजना के तहत कोई प्रीमियम नहीं देना होगा और यह खर्च सरकार उठायेगी। उल्लेखनीय है कि संसद में भी विभिन्न दलों के सदस्य आशा कर्मियों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाने की समय समय पर मांग करते रहे हैं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने पीएम मोदी को सुनाई एक बच्चे की कहानी, हुए हैरान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देशभर के एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से बातचीत की। इस दौरान पीएम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की एक बच्चे को जिंदा करने की कहानी सुनकर हैरान रह गए और कार्यकर्ता की जमकर तारीफ की।

पीएम से लाइव बातचीत करते हुए झारखंड के सरायकेला के उर्माल की रहने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनीता देवी ने कहा कि उसने प्रसव के दौरान आपातकालीन सेवा प्रदान कर मां और बच्चे की जान बचाई। मनीता ने कहा कि उन्हें 27 अगस्त 2018 को उस महिला की प्रसव पीड़ा के बारे में सुना था। जब तक वह उसके घर पहुंची तब तक उसका प्रसव हो चुका था। प्रसव के बाद बच्चा रो नहीं रहा था तो घर वालों को लगा कि वह मर गया है।

घर वाले मांगने पर भी बच्चे को दे नहीं रहे थे जब उन्होंने जिद की तो उन्हें बच्चा दिया गया। वो बच्चा जीवित था और उसकी धड़कनें चल रही थीं। इसके बाद मनीता ने एक पाइप की सहायता से बच्चे के नाक और मुंह से पानी निकाला, जिसके बाद वह रोने लगा। मनीता की बात सुनकर पीएण ने ताली बजाई और कहा एक नवजात शिशु को परिवार वालों ने मृत मान लिया था। नवजात केयर प्रशिक्षण का उपयोग कर मनीता देवी ने उपचार प्रारंभ किया, एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र ले गईं। वह भारत की सच्ची बेटी हैं।

पोषण पर ध्यान दे रही है सरकार

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा सरकार पोषण और स्वास्थ्य की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर ध्यान देगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सुपोषण स्वास्थ्य मेले का आयोजन होता है। मेले के दौरान कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण, ग्राम स्तर पर सामुदायिक बैठकों का आयोजन और कुपोषित बच्चों के घर भ्रमण करते हुए परामर्श का काम।

शिशु के लिए जीवन के पहले एक हजार दिन आवश्यक

पीएम ने कहा कि किसी भी शिशु के लिए जीवन के पहले एक हजार दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान मिला पौष्टिक आहार, खान-पान की आदतें ये तय करती हैं कि उसका शरीर कैसा बनेगा, पढ़ने-लिखने में वो कैसा होगा, मानसिक रूप से कितना मजबूत होगा।

यदि देश का नागरिक सही से पोषित होगा, विकसित होगा तो देश के विकास को कोई नहीं रोक सकता है। लिहाजा शुरुआती हजार दिनों में देश के भविष्य की सुरक्षा का एक मजबूत तंत्र विकसित करने का प्रयास हो रहा है

सुरक्षित मातृत्व अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचानी है

पीएम ने कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा बच्चे की ही नहीं बल्कि प्रसूता माता के स्वास्थ्य की भी आप सभी चिंता कर रहे हैं। सुरक्षित मातृत्व अभियान जो सरकार ने चलाया है उसकी अधिक से अधिक जानकारी आपको लोगों तक पहुंचानी है।

पहले जन्म के 42 दिन तक आशा वर्कर को 6 बार बच्चे के घर जाना होता था। अब 15 महीने तक 11 बार आपको बच्चे का हालचाल जानना जरूरी है। मुझे विश्वास है कि आपके स्नेह और अपनेपन से एक से एक बेहतरीन नागरिक देश को मिलेंगे।

होम बेस्ड न्यूबोर्न केयर से हो रही सवा करोड़ बच्चों की देखभाल

पीएम ने कार्यकर्ताओं के काम की सराहना करते हुए कहा कि आपको ये भी जानकारी है कि होम बेस्ड न्यूबोर्न केयर के माध्यम से आप हर वर्ष देश के लगभग सवा करोड़ बच्चों की देखभाल कर रहे हैं। आपकी मेहनत से ये कार्यक्रम सफल हो रहा है, जिसके कारण इसको और विस्तार दिया गया है। अब इसको होम बेस्ड चाइल्ड केयर का नाम दिया गया है।

एनीमिया हर वर्ष सिर्फ एक प्रतिशत की दर से घट रही है। राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत इस गति को तीन गुना किया जाए। ‘एनीमिया मुक्त भारत’ के इस संकल्प को आप सभी पूरी ताकत से पूरा करने वाले हैं। एनीमिया से मुक्ति का मतलब लाखों गर्भवती महिलाओं और बच्चों को जीवन दान।

लोगों को नमक के लिए करना है जागरुक

पीएम ने सभी कार्यकर्ताओं को आयोडीन और आयरन युक्त डबल फोर्टिफाइड नमक के इस्तेमाल के लिए लोगों को और जागरूक करने को कहा ताकि एनीमिया जैसी बीमारियों को दूर किया जा सके। देश में काफी संख्या में लोग एनीमिया के शिकार हैं। ये बीमारी आयोडीन और आयरन जैसे तत्वों की कमी से होती है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग बढ़ा है।

मातृत्व वंदना योजना से मां और बच्चे को हो रहा है भरपूर फायदा

कर्नाटक की मलम्मा ने पीएम को बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से मां और बच्चों को भरपूर फायदा हो रहा है। इस योजना से मां और बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिल रही है। पीएम ने कहा मैं देश के उन हजारों-लाखों डॉक्टरों का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जो बिना कोई फीस लिए, गर्भवती महिलाओं की जांच कर रहे हैं

सिलवासा की नीता कल्पेश ने पीएम को बताया कि कैसे आयोडिन युक्त नमक को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई। प्रधानमंत्री ने उनके इस प्रयास के लिए बहुत-बहुत बधाई दी। पीएम ने आगे कहा कि मुझे खुशी है आप सभी देश के भविष्य को मजबूत करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है , देश की हर माता हर शिशु के सुरक्षा घेरे को मजबूत करने का जिम्मा आपने अपने कंधो पर उठाया है।

पीएम ने कहा कि वेक्सिनेशन के लिए सरकार काम कर रही है। जिससे महिलाओं और बच्चों की मदद हो रही है। राजस्थान के झुंझुनू से पोषण अभियान शुरू हुआ था, जिसमें महिलाओं और बच्चों का शामिल होना जरूरी है।

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