मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Police lathicharge on students before CM Yogi Adityanath visit in Sonbhadra

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले भूखे छात्रों ने दिया धरना, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर जहां बुधवार की सुबह सोनभद्र के बहुअरा में तैयारियां हो रही थी। वहीं पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय गुरमुरा के दर्जनों छात्र खराब भोजन और प्रधानाचार्य के दुर्व्यवहार से खफा होकर हाइवे पर उतर आए। भूख हड़ताल करते हुए खाली थाली के साथ प्रदर्शन भी किया और तीन घंटे तक वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग जाम किए रखा।

काफी समझाने-बुझाने के बाद भी छात्र सड़क से नहीं हटे, तब पुलिस को लाठी भांजनी पड़ी। इसमें दस छात्र घायल हो गए। इससे खफा छात्रों ने विद्यालय परिसर से पथराव शुरू कर दी। समाज कल्याण अधिकारी को घेरकर हाथापाई की। उन्हें बचाने में दो एसओ, एक सिपाही घायल हो गए। 11 बजे पहुंचे पहुंचे एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब आक्रोशित छात्र शांत हुए।

मामले के अनुसार रात में खाना खराब मिलने से खफा छात्र बुधवार की सुबह होते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य के पास पहुंच गए। उनका आरोप था कि प्रधानाचार्य ने उनकी बात सुनने की बजाय, उन्हीं को अपशब्द कहना शुरू कर दिया। तब खफा होकर छात्र नारे लिखी तख्ती लेकर कार्रवाई की मांग करते हुए वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग जाम कर दिए। खाली थाली के साथ जमकर नारे भी लगाए। जानकारी मिलते ही समाज कल्याण अधिकारी और पुलिसकर्मी पहुंच गए लेकिन छात्र डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

इसी बीच कुछ लोगों ने एक एंबुलेंस में तोडफ़ोड़ कर दी। वहीं जाम के चलते सीएम ड्यूटी में जा रहे कई लोग फंस गए। हालात बिगड़ता देख सवा आठ बजे पुलिस ने लाठी भांजकर छात्रों को खदेडना शुरू कर दिया। इस दौरान छात्र शक्तिमान, रामचंद्र, विजय, विवेकानंद, बाबूलाल, चंद्रप्रकाश, सुरेंद्र, चंदन, अभिनव, सुनील घायल हो गए। उधर, इससे गुस्साए छात्रों ने विद्यालय परिसर से पत्थरबाजी और परिसर में मौजूद समाज कल्याण अधिकारी कृष्णानंद तिवारी को घेरकर हाथापाई शुरू कर दी।

सीएम ड्यूटी में जा रहे म्योरपुर एसओ शिवकुमार मिश्रा, विंढमगंज एसओ प्रदीप सिंह भी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ स्थिति संभालने में लग गए। इसमें एसओ शिवकुमार और प्रदीप के साथ सिपाही अनिल सिंह को भी चोट आई। सुमित्रा (55) पत्थर लगने से लहूलुहान हो गई, जिसे चोपन सीएचसी ले जाया गया। घायल छात्रों को भी इलाज उपलब्ध कराया गया। खबर पाकर पहुंचे एसडीएम सदाब असलम ने बच्चों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। तब 11 बजे पहुंचे एडीएम उमाकांत तिवारी ने उनसे वार्ता की और उनकी समस्या के निदान का भरोसा दिया। तब केला खाकर बच्चों ने भूख हड़ताल तोड़ा।

एडीएम उमाकांत तिवारी का कहना है कि घटिया किस्म का भोजन मिलने से बच्चे खफा थे। विद्यालय प्रबंधन ने भी लापरवाही बरती, जिससे मामला बिगड़ गया। मीनू के हिसाब से बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। मामले की जांच भी कराई जाएगी। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सीओ ओबरा डा. कृष्णगोपाल सिंह का कहना है कि वार्डेन और प्रधानाचार्य बच्चों को समझाकर ले गए थे लेकिन अचानक से बच्चों ने परिसर से पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हो गए। बच्चों को कैसे चोट लगी, वह बता नहीं पाएंगे। राबर्ट्सगंज एसडीएम सादाब असलम का कहना है कि हास्टल में दुर्व्यवस्था से खफा होकर बच्चों ने जाम लगाया था। उनको समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है। समाज कल्याण अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया है।

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